Zero Shadow Day In UP: उत्तर भारत में आपका साथ नहीं छोड़ेगी परछाई, नहीं रहेगा जीरो शैडो डे का स्पष्ट प्रभाव
Zero Shadow Day In UP भारत में आज कई जगहों पर परछाई आपका साथ छोड़ देगी पर बात अगर उत्तर भारत की करें तो लखनऊ समेत उत्तर भारत में कहीं पर भी आज जीरो श ...और पढ़ें

लखनऊ, जासं। उत्तर भारत में परछाई आपका साथ नहीं छोड़ेगी! इंटरनेट मीडिया पर दिन भर इसे लेकर कयास लगते रहे। इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला के वैज्ञानिक अधिकारी सुमित कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि कर्क रेखा के उत्तर और मकर रेखा के दक्षिण में कभी भी शून्य छाया दिवस यानी ‘जीरो शैडो डे’ नहीं हो सकता।
इस कारण 18 अगस्त (आज) को लखनऊ समेत उत्तर भारत में किसी भी जगह पर इसका स्पष्ट प्रभाव नहीं दिखेगा। सुमित बताते हैं कि छाया की लंबाई शून्य होने की तिथि इस बात से तय होती है कि उस स्थान का अक्षांश कितना है। विषुवत रेखा का अक्षांश शून्य से 23.5° तक होता है। इसी से अक्षांश की माप होती है। 18 अगस्त को भारत समेत विश्व भर में 12.97° अक्षांश पर स्थित स्थानों पर शून्य छाया दिवस होगा।
भारत में मुख्य रूप से बेंगलुरु, वेल्लोर, रत्नागिरी, चेन्नई, कांचीपुरम समेत कई अन्य शहरों में शून्य छाया दिवस दिखाई दे सकता है। सुमित के अनुसार, लखनऊ का अक्षांश 23.5° से ज्यादा है। इस वजह से यहां शून्य छाया दिवस कभी नहीं होगा। हालांकि यहां पर 21 जून को न्यूनतम छाया दिवस हो सकता है। पृथ्वी अपनी धुरी पर अपनी कक्षा में सूर्य का चक्कर लगाती है, उस समय 23.5 अंश पर झुकी रहती है। इससे ऋतु परिवर्तन, सूर्य का उत्तरायण, दक्षिणायण और दिन का घटना-बढ़ना होता है।
यही वजह है कि सूर्य खगोलीय विषुवत रेखा से 23°.5 अंश उत्तर और खगोलीय विषुवत रेखा से 23°.5 आकाश में दक्षिण की ओर जाता है। वर्ष में अलग-अलग समय पर सूर्य की स्थिति बदलती रहती है और वह शून्य यानी से 23.4 अंश उत्तर और इतना ही दक्षिण की ओर जाता है। सूर्य 21 जून को कर्क रेखा, 21 मार्च, 23 सितंबर को विषुवत रेखा और 22 दिसंबर को मकर रेखा के ठीक ऊपर चमकने के कारण सिर के ठीक ऊपर होता है।

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