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    सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा, माघ मेला में श्रृद्धालुओं को उचित सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

    By Manoj Kumar Tripathi Edited By: Dharmendra Pandey
    Updated: Sat, 03 Jan 2026 03:02 PM (IST)

    Review Meeting of CM Yogi Adityanath: सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगामी पर्व-त्योहारों एवं माघ मेला को लेकर कहा कि कहीं पर किसी भी स्थिति में अराजकता को बढ ...और पढ़ें

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    वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक की

    राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में शुरु हुए माघ मेला में श्रृद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर हैं। शुक्रवार देर रात सरकारी आवास पर वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री ने आगामी पर्व-त्योहारों एवं माघ मेला की तैयारियों के संबंध में जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि माघ मेले में आने में श्रृद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। अधिकारी फील्ड में उतरें और सभी श्रृद्धालुओं का ख्याल रखें। उन्होंने मेला व स्नान स्थल पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा व अन्य प्रबंधों का इंतजाम करने के भी निर्देश दिए।

    इसके साथ ही कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पीडब्ल्यूडी को जिला मुख्यालयों, सर्किट हाउस, तहसील व ब्लाक मुख्यालयों पर स्थायी हेलीपैड बनाने के निर्देश दिए।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगामी पर्व-त्योहारों एवं माघ मेला को लेकर कहा कि कहीं पर किसी भी स्थिति में अराजकता को बढ़ावा न मिले। सभी श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में स्नान एवं पूजा कर सकें।

    उन्होंने प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, चित्रकूट, हापुड़ (गढ़मुक्तेश्वर), मथुरा-वृंदावन, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर सहित माघ मेला से जुड़े सभी प्रमुख जिलों के जिलाधिकारियों को श्रद्धालुओं के आवागमन, घाटों व मंदिर परिसरों की स्वच्छता के निर्देश दिए। इसके साथ ही कहा कि निर्बाध विद्युत आपूर्ति, महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम, कंट्रोल रूम, भीड़ प्रबंधन एवं मेला क्षेत्र में प्रवेश व निकास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

    उन्होंने प्रयागराज में पौष पूर्णिमा पर अनुमानित 15 से 25 लाख श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष रूप से सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। कहा कि अस्पतालों, मेडिकल स्टाफ, एम्बुलेंस, स्वच्छ शौचालय, पेयजल एवं महिला सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

    घाटों पर गोताखोरों की पर्याप्त तैनाती रहे ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और मेला क्षेत्रों एवं सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध एवं अराजक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी रात में भी मेला स्थल का निरीक्षण करें। अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचरियों को समस्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दें। उन्होंने नदी में तेज बहाव के मद्देनजर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग लगाने के निर्देश भी दिए हैं।

    इसके साथ ही कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी नाविक श्रद्धालुओं से मनमाना शुल्क न लें। साथ ही मनमानी कर श्रृद्धालुओं से ज्यादा राशि वसूलने वाले होटलों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।

    माफिया पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

    उन्होंने भूमि पर कब्जा करने वाले माफिया एवं असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कहा कि आमजन की भूमि एवं संपत्ति की सुरक्षा राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। नागरिकों की समस्याओं को दूर करने के लिए उन्होंने जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं।

    उन्होंने सड़कों पर जाम की समस्या को समाप्त करने के लिए अवैध टैक्सी स्टैंड, बस स्टैंड एवं वेंडरों को हटाकर उन्हें निर्धारित स्थलों पर व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने शीतलहर को लेकर जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि रैन बसेरों में रुकने वाले लोगों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाया जाए।

    शहरों में चलाया जाएगा स्वच्छता अभियान

    मुख्यमंत्री ने नगर विकास एवं पंचायती राज विभाग को निर्देश दिया है कि सभी जिलों में स्वच्छता अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा है कि प्रमुख स्थलों सहित मलिन बस्तियों में साफ-सफाई एवं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे संक्रामक रोगों की संभावना को रोका जा सके।

    दस दिनों में तैयार करें बाढ़ से बचाव की कार्ययोजना

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों को अगले 10 दिनों में बाढ़ से बचाव की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जिलाधिकारी मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव को भी बाढ़ से बचाव की कार्ययोजना निर्धारित समय में बनाकर भेजें।