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    88 महिलाओं और 308 प्रधानों को मिलेगा लक्ष्मी बाई वीरता पुरस्कार

    By Nawal MishraEdited By:
    Updated: Sat, 17 Dec 2016 09:10 PM (IST)

    सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वाली 88 महिलाओं को रानी लक्ष्मी बाई पुरस्कार से सम्मानित करने का सैद्धांतिक फैसला कर लिया है।

    लखनऊ (जेएनएन)। चुनाव की दहलीज पर खड़ी सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वाली 88 महिलाओं को रानी लक्ष्मी बाई पुरस्कार से सम्मानित करने का सैद्धांतिक फैसला कर लिया है। इस संख्या में कुछ और महिलाओं के नाम भी अभी जुड़ सकते हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 19 दिसंबर को लोकभवन में रानी लक्ष्मी बाई पुरस्कार का वितरण करेंगे। पुरस्कृत होने वालों में आशा बहू, छात्राएं, डाक्टर, महिला पुलिसकर्मी, समाजसेवी संस्थाएं भी शामिल हैं। पुरस्कार स्वरूप एक लाख रुपये की राशि व स्मृति चिन्ह दिया जाता है। महिला कल्याण विभाग की ओर से शासन को रानी लक्ष्मी बाई पुरस्कार के लिए भेजी गई सूची में 308 महिला प्रधानों के नाम भी हैं।

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    रानी लक्ष्मी बाई पुरस्कार पाने वाली महिलाएं

    1- डॉ. सरिता सक्सेना

    भ्रूण हत्या को रोकने, महिलाओं में विवाह व गर्भ धारण करने की सही उम्र की जानकारी देना, किशोरियों के स्वास्थ्य, गर्भावस्था में गुणवत्तापूर्वक देखभाल व सुनिश्चित प्रसव के प्रति लोगों को जागरूक करने तथा महिला चिकित्सकों व नर्सों को प्रशिक्षित करने के साथ अपने चिकित्सकीय एवं प्रशासनिक दायित्वों को निर्वहन उत्कृष्ट ढंग से किया गया है, जिससे विभिन्न योजनाओं में मातृ एवं शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो सका है।

    2- ईश्वर देवी बत्तरा

    लैंगिक उत्पीडऩ एवं एसिड अटैक से पीडि़तों की मदद और सर्वाइकिल कैंसर प्रोग्राम के अन्तर्गत नोडल अधिकारी के रूप में कार्य। महिलाओं की सर्वाइकल स्क्रीनिंग व कीमोथिरेपी का कार्य।

    3- डॉ. दीपा शर्मा

    वर्तमान में वीरांगना झलकारी बाई महिला चिकित्सालय, लखनऊ में परामर्शदाता के पद पर तैनात हैं। आपको मेजर गाइनोकोलोजिस्ट सर्जरी के क्षेत्र में वर्ष 2011 में सर्वोत्कृष्ट गाइनोकोलोजिस्ट सर्जरी का पुरस्कार प्रदान किया गया। आपके कुशल नेतृत्व में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत महिला नसबन्दी में जिला महिला चिकित्सालय, लखीमपुर खीरी वर्ष 2011-12 में प्रथम स्थान पर रहा तथा वर्ष 2012-13 में आपके कुशल नेतृत्व में लखनऊ मण्डल को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। आपके द्वारा प्रसव उपरान्त आइयूसीडी सेवा में प्रशिक्षण प्राप्त करना व सेवा देना तथा नर्स मेन्टर को परिवार नियोजन विधियों का प्रशिक्षण दिया गया।

    4- वंदना श्रीवास्तव

    लैप्रोस्कोपी, स्टर्लाईजेशन, एमटीपी में 8 बैचों में प्रशिक्षण दिया गया। 2360 प्रसवों का जननी सुरक्षा का भुगतान कराया। वर्ष 2014-15 में 211 एवं वर्ष 2015-16 में 32 शल्य चिकित्सा की गयी।

    5- रामकली

    आशा बहू के पद पर कार्यरत रामकली ने 26 संस्थागत प्रसव, 30 टीकाकरण एवं 42 लोगों की नसबंदी करायी। कन्या भू्रण हत्या को रोकने के लिए सार्थक प्रयास किये गये।

    6- परवेश कुमारी

    आशा बहू के पद पर कार्यरत परवेश कुमारी ने 27 संस्थागत प्रसव, 51 टीकाकरण, 25 नसबंदी केस कराये। कन्या भ्रूण हत्या रोकने का अभियान चलाया। वित्तीय वर्ष 2015-16 में अपने क्षेत्र में 51 बच्चों का टीकाकरण के माध्यम से प्रतिरक्षण कराया गया।

    7- किरन देवी

    आशा बहू के पद पर कार्यरत किरन ने वर्ष 2015-16 में 36 महिलाओं का संस्थागत प्रसव कराया गया। 6 घरेलू सुरक्षित प्रसव कराए। 22 नवविवाहित दंपति को गर्भ निरोधक उपायों के प्रति जागरूक किया।

    8- सरोज देवी

    36 गर्भवती महिलाओं का सरकारी अस्पताल में प्रसव कराया गया। 06 घरेलू सुरक्षित प्रसव कराये गये। 22 महिलाओं की नसबन्दी करायी। 103 बच्चों का संपूर्ण प्रतिरक्षण कराया गया। कन्या भ्रूण हत्या रोकने में सराहनीय भूमिका निभायी गई।

    9-मंजू तिवारी

    मंजू वर्ष 2006 से खुद बे्रस्ट कैंसर से ग्रसित हैं। बावजूद इसके वर्ष 2008 से 2016 तक आशा सम्मेलन में पुरस्कृत होती रहीं। मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने की दिशा में कार्य किया। वित्तीय वर्ष 2016-17 में वाराणसी में प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है।

    10- मंजू देवी

    आंगनबाड़ी कार्यकत्री पद पर कार्य करते हुए अति कुपोषित बच्चों को कुपोषण से मुक्त कराया। जोखिम वाली 04 गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराया गया।

    11- विमला देवी

    सहरिया महिलाओं का समूह गठित किया गया और उन्हें बैंक से 01 लाख रूपए दिलाकर दुग्ध उद्योग के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया गया। खराब हैंडपंप दुरूस्त कराने में भूमिका निभाई।

    12- शबाना परवीन

    आंगनबाड़ी कार्यकत्री शबाना ने एनीमिया पीडि़त महिलाओं की काउंसिलिंग कर उन्हें इस श्रेणी से बाहर निकाला। बच्चों का टीकाकरण एवं मातृ समिति को सक्रिय किया गया।

    13- नीलम श्रीवास्तव

    आंगनबाड़ी कार्यकत्री नीलम ने हौसला पोषण योजना, राज्य पोषण मिशन में सक्रियतापूर्वक योगदान किया गया।

    14- कामिनी श्रीवास्तव

    04 वर्ष की आयु में रेल दुर्घटना में दोनों हाथ गंवाने के बावजूद अर्थशास्त्र व समाजशास्त्र विषय में परास्नातक शिक्षा हासिल की। महिलाओं और बच्चों के विषय पर आधारित 'खिलते फूल महकता आंगनÓ, 'डोरÓ कहानी संग्रह प्रकाशित है।

    15- नीलू मिश्रा

    मुख्य सेविका नीलू मिश्रा ने राष्ट्रीय, अन्तरराष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 47 एवं अखिल भारतीय सिविल सर्विसेस प्रतियोगिताओं में पदक हासिल किये हैं।

    16- रिम्पी रानी

    छोटे बच्चों, गर्भवती, धात्री महिलाओं के बीच साफ-सफाई, स्वच्छता, शिक्षा एवं पोषण केप्रति जागरूकता लायी गयी। टीकाकरण की नियमित व्यवस्था आप द्वारा की गई।

    17- संजो देवी

    महिला कांस्टेबल संजो देवी ने अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में पदक हासिल किये। शासन ने उन्हें मुख्य आरक्षी पद पर आउट आफ टर्न प्रोन्नति प्रदान की।

    18-मीना सिंह

    वर्ष 2015 में 11वीं वाहिनी सीतापुर में शूटिंग में द्वितीय स्थान। वर्ष 2016 में विंग बोर थ्रो टीम में द्वितीय स्थान। वर्ष 2016 में 70 किग्रा महिला जूडो प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान हासिल किया।

    19- सीमा कुमारी

    इस महिला आरक्षी ने रायफल शूटिंग में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

    20- गीता राय

    नक्सल प्रभावित चन्दौली में निवासित महिलाओं में शिक्षा आदि की कमी को दूर करने के लिए महिला अधिकारों, महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र गया। महिलाओं की गरिमा बढ़ाने तथा अपमानजनक प्रथाओं के रोकने के संबंध विशेष सराहनीय कार्य किया गया।

    21- पूजा कौर

    बिछड़े दंपति को सुलह समझौते से मिलाने का उल्लेखनीय कार्य किया गया। वर्ष 2015 में कनहर परियोजना में बांध निर्माण को लेकर हुए उपद्रव रोकने में अदम्य साहस का परिचय दिया।

    22- स्मिता देवी

    रानी लक्ष्मी बाई आशा च्योति केन्द्र में वर्ष 2016-17 में नियुक्तिके दौरान आशा ज्योति केन्द्र की हेल्प लाइन नंबर 181 एवं 100 पर सूचना मिलने पर आत्महत्या करने गए व्यक्ति को बचाया गया। नाबालिग बच्ची काविवाह रोका।

    23-अंजली

    अंजली ने गुलाबवाड़ी में लगी आग में फंसे अबोध बच्चों को बचाया।

    24-सलमा खातून

    सलमा ने मलिन बस्ती के निर्बल वर्गो की समस्या के लिए संचालित विभिन्न योजना से लाभ दिलाने हेतु प्रयासरत रहती हैं। पोलियो प्रतिरक्षण अभियान के प्रति जागरूकता उत्पन्न की गई।

    25-अल्फिया महिला सेवा संस्थान

    गरीब बच्चों के पालन-पोषण के साथ उन्हें सिलाई कढ़ाई सिखाकर स्वावलंबी बनाने हेतु प्रयासरत है।

    26-निष्ठा शर्मा

    किड्स 2016 की विजेता हैं।

    27-मुस्कान खान

    इस लड़की ने अपनी बड़ी बहन को अपने पिता द्वारा किये जा रहे अनैतिक कृत्यों से बचाया, बल्कि स्वयं की भी आत्मरक्षा की। मुस्कान ने थाने पर जाकर पिता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई तथा उन्हें सजा दिलाई। अनेक धमकियों के बाद भी सुश्री मुस्कान द्वारा अदम्य वीरता एवं साहस का प्रदर्शन किया गया।

    28- हमसफर संस्था

    लखनऊ मंडल से 03 जिलों में वर्ष 2003 से यह संस्था क्राइसिस सपोर्ट सेंटर रूप में कार्य कर रही हैं। ई-रिक्शा के लिए महिला ड्राइवरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने कार्य किया जा रहा है।

    29- प्रो.निशि पांडेय

    प्रो. निशि पांडेय लखनऊ विश्वविद्यालय की चीफ प्राक्टर हैं। छात्र कल्याण के विशेष प्रयास किये हैं। शैक्षिक व प्रशासनिक उपलब्धियाँ महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए प्रेरणाप्रद हैं। महिलाओं एवं बालिकाओं के हित के लिए निरन्तर प्रयत्नशील रहने के साथ ही महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में विशेष योगदान दिया जा रहा है।

    30- सानिया शेख

    सानिया 12 बोर शॉट गन स्किट शूटिंग की खिलाड़ी हैं। वह 9 बार नेशनल चैम्पियन रही हैं।

    31- जाहिद जमीन

    आप एक सामाजिक कार्यकत्री एवं सफल उद्यमी हैं, जो अशिक्षित मुस्लिम महिलाओं को प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बना रही हैं।

    32- राशि कुमार

    एफएम रेनबो का सफल आयोजन करने का श्रेय इन्हें हासिल है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में रेडियो पत्रकारिता का प्रशिक्षण आप द्वारा प्रदान किया जा रहा है।

    33-अरूणा रॉय

    अरूणा ने यौन उत्पीडऩ, गुमशुदा लोगों के संबंध में विशेष कार्य किया गया है।

    34-कौशल्या पोपली

    महापालिका नर्सरी स्कूल की 20 वर्षों तक प्रधानाचार्या रहते हुये नर्सरी शिक्षा को गुणवत्तापरक बनाया। सेवा निवृत्ति के उपरान्त आपने इथेना नर्सरी स्कूल प्रारम्भ किया।

    35-रूना बनर्जी

    10,000 महिलाओं को चिकनकारी का हुनर सिखाया। इस उपलब्धि के लिए उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है।

    36-रामरती

    अपने तालाबों का प्रयोग कर प्रोल्ट्री, मछली पालन तथा खेती में कम लागत से अधिक उत्पादन किया है। इससे आमदनी में 300 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

    37- नूरजहां

    100 रूपये प्रतिमाह की लागत वाली सोलर लाइट का विकास किया है। कानपुर देहात के 500 घरों को लाभ पहुंचा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात में उनते कार्यो का उल्लेख किया।

    38- अनीता कटियार

    कटियार समाजसेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। खीरी के 15 गांवों में गरीबी व असमानता खत्म करने के लिए कार्य किये जा रहे हैं।

    39- पुष्पा पाल

    पुष्पा पाल द्वारा 03 वर्षों तक जन स्वास्थ्य अभियान का सफल संचालन किया। गर्भवती महिलाओं तथा 0 से 6 साल के बच्चों के पोषण तथा उनके स्वास्थ्य के लिए विशेष कार्य किया गया है।

    40- आरती साहू

    रायबरेली व अमेठी के गांवों में अंधविश्वास, अमानवीय परम्परा के नाम पर महिला उत्पीडऩ रोकने को जनजागरूकता का कार्य किया गया।

    41- सुषमा साहू

    कम्युनिटी इन्वायरमेन्ट लैब में बतौर लाइफ कोच कार्य करते हुए महिलाओं एवं बच्चों के चतुर्दिक विकास का कार्य किया।

    42- पूनम मिश्रा (वार्डन)

    मुस्लिम बालिकाओं की शिक्षा हेतु विशेष प्रयास किया। बाल विवाह, कन्या भू्रण हत्या को रोकने तथा दहेज रहित विवाह को प्रोत्साहित किया गया है।

    43-रीतू पाठक

    शिक्षण कार्य के साथ-साथ राष्ट्रीय खेल-कूद प्रतियोगिता में योगदान दिया गया है। ग्रामीण बच्चों को प्रोत्साहित कर मंडल एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा दिलाया।

    44- प्राची जैन

    वर्ष 2016 में किंग जार्ज मेडिकल विश्वविद्यालय से एमबीबीएस में बालिका वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्ता किया।

    45- सौम्या जौहरी

    वर्ष 2016 में किंग जार्ज मेडिकल विश्वविद्यालय, लखनऊ से बीडीएस में बालिका वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

    46- कुंती

    चित्रकार, कवियत्री, लेखिका एवं सक्रिय समाज कार्यकत्री के रूप में अपनी पहचान बनायी है। पूर्व बाल न्यायाधीश एवं एड्स परामर्शदात्री के रूप में योगदान दिया है।

    47-प्रीति व्यास दीक्षित

    वूमेन पावर लाइन 1090 का प्रचार प्रसार किया। उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मी बाई महिला सम्मान कोष में पर्यवेक्षण का कार्य किया गया है। आपरेशन मुस्कान द्वितीय के सफलतापूर्वक संचालन में विशेष योगदान दिया गया है।

    48- मुस्कान गुप्ता

    गल्र्स हाई स्कूल एवं कॉलेज इलाहाबाद का छात्रा ने स्कूल के बाहर सड़क पर महिलाओं और किशोरियों से छेड़-छाड़ करने वाले असामाजिक तत्वों से वीरतापूर्वक संघर्ष करते हुए न सिर्फ अपनी सुरक्षा की बल्कि अन्य छात्राओं हेतु उदाहरण भी प्रस्तुत किया है।

    49- जान्हवी सेठ

    गल्र्स हाई स्कूल एवं कॉलेज इलाहाबाद की इन दोनों छात्राओं द्वारा स्कूल के बाहर सड़क पर महिलाओं और किशोरियों से छेड़-छाड़ करने वाले असामाजिक तत्वों से संघर्ष किया।

    50- डा आशा सिंह

    सिंह द्वारा अपने संसाधनों से युद्ध में शहीद हुए सैनिकों की विधवाओं, विकलांग सैनिकों एवं एक्स-सर्विसमैन के समस्याओं का समाधान कराया।

    51- आरती सिंह

    कुरीतियों के खिलाफ जागरूक किया। लोगों को शराबखोरी से बचाते हुये कई तरीके के हुनर सिखाकर उनकी जिन्दगी भी बदली है।

    52- गीता,

    ग्रामीण क्षेत्र की किशोरियों और महिलाओं को ऐसे मुद्दों के बारे में जागरूककिया जिसके बारे में वह किसी से नहीं कह पाती।

    53- प्रिया कुमारी

    प्रिया पर्वतारोहण का प्रशिक्षण ले चुकी हैं। घर की विपरीत परिस्थितियों के बाद भी उनके हौंसले अन्य बालिकाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

    54- सलमा बानो

    कम उम्र में विवाह के बाद सलमा ने मजदूरी कर परिवार का निर्वाह करती हैं। अपनी भूमि को सलमा ने भूमाफियायों से बचाते हुये मुकदमा जीता। आज सलमा बानो मार्शल आर्ट के राष्ट्रीय प्रतियोगिता में खेलकर गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं।

    55- रजबुल निशा

    घरेलू एवं सामाजिक हिंसा की शिकार लगभग 500 महिलाओं एवं किशोरियों को हिंसा से मुक्ति दिलायी गयी है। किशोरियों को खरीद-फरोख्त से बचाते हुए उन्हे समाज की मुख्यधारा मे लाने का कार्य किया गया है।

    56- शकुन्तला श्रीवास्तव,

    बाल विवाह घरेलू हिंसा तथा दम्पत्तियों के बीच में हुये विवाद के 425 मुदद्े सुलझाये हैं। करीब 5800 महिलाओं के साथ जुड़कर बेघर व मजबूर महिलाओं के हक और अधिकार के लिये कार्य किया किया।

    57- नीबू कली

    किशोरियों केसाथ होने वाले भेदभाव के खिलाफ जागरूकता संबंधी कार्य कर रहीं है। घरेलू हिंसा, सामाजिक हिंसा से जुड़े कई मुद्दे को सफलतापूर्वक सुलझाया है।

    58- रिदम गुप्ता

    राष्ट्रीय खिलाड़ी रही रिदम को भारतीय जूडो महासंघ द्वारा ब्लैक कैट प्रदान की गयी है।

    59- सानिया मुनव्वर

    सबसे कम उम्र की सीनियर ब्लैक बेल्टधारक हैं। वह उन 18 भारतीयों में से होती है, जिन्हें जापान की एपीयू यूनिवर्सिटी में स्कॉलरशिप मिली है।

    60- समीरा शिराज

    जापान कल्चरल एक्सचेंज प्रोग्राम में भारत का प्रतिनिधित्व किया। 2014-15 कुजी सिटी लाबेट की पर्यटक दूत नामित की गयी हैं।

    61- शिवानी

    कॉमनवेल्थ गेम ग्लासगो में भारत का प्रतिनिधित्व कर देश एवं प्रदेश के लिए पदक प्राप्त किये हैं।

    62- सौम्या पटेल

    पटेल ने वर्ष 2016 में कक्षा-10 में यूपी बोर्ड में 98.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में बालिका वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

    63- साक्षी वर्मा

    महारानी लक्ष्मी इंटर कालेज से वर्ष 2016 की कक्षा-12 में यूपी बोर्ड परीक्षा में बालिका वर्ग से 98.2 प्रतिशत अंक हासिल किये।

    64-ज्योत्सना श्रीवास्तव

    वर्ष 2016 में सिटी मांटेसरी स्कूल से आईसीएसई बोर्ड की कक्षा-10 की परीक्षा में 99 प्रतिशत अंक प्राप्त कर बालिका वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

    65- अंशुल भदौरिया

    वर्ष 2016 में मनिपाल पब्लिक स्कूल, लखनऊ से सीबीएसई बोर्ड की कक्षा-12 की परीक्षा में 98.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर बालिका वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

    66- सुमेधा पाठक

    वर्ष 2016 में सीबीएसई बोर्ड से कक्षा-12 की परीक्षा ग्लोरियस एकेडमी, वाराणसी से 91.04 प्रतिशत अंक प्राप्त किया है। सुमेधा दोनो पैरों से विकलांग हैं।

    67-श्रद्धा शुक्ला (नन्ही जलपरी)

    जलपरी के नाम से प्रसिद्ध श्रद्धा की आयु 11 वर्ष है। स्वच्छ गंगा का संदेश देने के लिए कानपुर से वाराणसी केबीच 570 किमी की दूरी तैरकर पूरी की।

    68-पूनम विश्नोई

    महिला सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण तथा महिला आत्मरक्षा हेतु देश के विभिन्न स्थानों पर बालिकाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

    69-अनीता पाल

    राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित खेलों यथा-रस्सी कसी, भारोत्तोलन, जूडो, लम्बीकूद एवं बारहवें राष्ट्रीय टग ऑफ वार में अच्छा प्रदर्शन करते हुये विभिन्न पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र प्राप्त किये हैं।

    70-वंशिका चौधरी

    राष्ट्रीय स्तर की टेनिस प्लेयर हैं। आप नेशनल रैंकिंग टेनिस टूर्नामेन्ट चैम्पियनशिप की 04 बार विजेता रहीं हैं। फेनटेस्टा ओपन प्रतियोगिता में आपके द्वारा प्रतिभाग किया गया है।

    71-प्रतिमा सिंह

    आपके द्वारा विभिन्न राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अनेकों पदक प्राप्त किये हैं। खेल के क्षेत्र में उपलब्धियों के साथ उनकी शैक्षिक उपलब्धियां अन्य बालिकाओं के लिए प्रेरणाप्रद है।

    72- विद्या सिंह

    वर्ष 2008 में ऑल इंडिया अन्तर्विश्वविद्यालय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में दिल्ली विश्वविद्यालय को कोचिंग देकर गोल्ड मेडल दिलाया। आप द्वारा कॉमन वेल्थ गेम, मेलबर्न में भारतीय बास्केटबॉल टीम का नेतृत्व किया गया। इसके अतिरिक्तबास्केटबॉल की विविध प्रतियोगिताओं में अनेकों पदक प्राप्त किया गया है।

    73- आकांक्षा सिंह

    बास्केटबॉल खिलाड़ी के रूप में अनेक प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक, रजत पदक व कांस्य पदक जीतकर देश व प्रदेश का सम्मान बढ़ाया गया है।

    74- प्रशान्ती सिंह

    बास्केटबॉल खिलाड़ी के रूप में अनेक प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक, रजत पदक व कांस्य पदक जीतकर देश व प्रदेश का सम्मान बढ़ाया गया है।

    75- सामाजिक संगठन साझी दुनिया

    सांझी दुनिया द्वारा लैंगिक उत्पीडऩ के 1600 केसो का निस्तारण कराया गया है। 05 नाबालिक बच्चियों को मानव तस्करी से बचाया गया। इसके अतिरिक्त बच्चों एवं महिलाओं के उत्थान हेतु सांझी दुनिया निरन्तर प्रयत्नशील है।

    76-जैनब

    जैनब अपने गॉव से कक्षा-10 उत्तीर्ण करने वाली पहली बालिका हैं। उन्हे इंडिया प्राइड एवार्ड से मुख्यमंत्री सम्मानित कर चुके हैं।

    77-ऋचा सिंह

    ऋचा सिंह पिछले 8 वर्षों से प्रख्यात उद्यमी हैं। 1090 वूमेन पावर लाइन में वर्ष 2012 से कार्य कर रही हैं। आपके द्वारा अब तक 100 से अधिक महिलाओं की समस्याओं को त्वरित गति से निराकरण कराया गया है।

    78- प्रेरणा शर्मा

    प्रेरणा शर्मा, पदमपुरी कृष्णा नगर, मथुरा की रहने वाली हैं। आपके द्वारा इण्डिया बुक रिकार्ड, एशिया बुक रिकार्ड, लिम्का बुक रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराया गया है। यूनिवर्सल बुक रिकार्ड में भी प्रतिभाग किया गया है। गिनीज़ बुक ऑफ रिकार्ड में नाम दर्ज करने हेतु रजिस्ट्रेशन कराया गया है। फरवरी माह में गिनीज़ बुक ऑफ रिकार्ड में भी नाम दर्ज होने की सम्भावना है। आपको 600 वर्ष का कैलेण्डर याद है तथा आप 1 मिनट में 150 अंकों के मध्य कहीं से भी सीधा-उल्टा रेंडेम्ली बिना रूके सुना सकती हैं।

    79- रचना गोविल

    रचना गोविल, अर्जुन अवार्ड से सम्मानित खेल कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में अपना स्थान बनाया है।

    80- शशि प्रभा पांडेय

    शशि द्वारा 7 वर्षीय खोये बच्चे को व्यक्तिगत प्रयास से उसकी मॉ तक पहुंचाया, जिसके लिए पुलिस विभाग द्वारा आपको सम्मानित किया जा चुका है।

    81- गरिमा कपूर

    गरिमा कपूर के द्वारा इण्डिया बुक रिकार्ड मेें विश्व की सबसे अधिक ऊंचाई की रोड पर वाहन संचालन किया है।

    82- दिव्यांशी त्यागी

    कुश्ती में अनेक मेडल प्राप्त किये गये हैं, जिनमें सिंगापुर में आयोजित कॉमन वेल्थ रेस्लिंग चैम्पियनशिप में रजत पदक, सीनियर रेस्लिंग चैम्पियनशिप में भी रजत पदक प्राप्त किये।

    83- सपना

    राजकीय बाल गृह (बालिका) इलाहाबाद में आवासित हैं। उमराव सिंह इंटर कालेज, ममफोर्डगंज में कक्षा 10 की मेधावी छात्रा हैं। आपको कम्प्यूटर टाइपिंग, चित्रकारी, कढ़ाई एवं नृत्य में निपुणता हासिल है।

    84- सर्वेश कुमारी,

    वर्ष 1997 में आल इंडिया शहीद भगत सिंह टग ऑफ वार टूर्नामेन्ट में कांस्य पदक एवं वर्ष 2011 में ओपेन 19वीं रस्साकसी में तृतीय स्थान प्राप्त किया गया है।

    85- रिया वर्मा,

    बॉक्सिंग में देश-प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर गोल्ड मेडल प्राप्त किया है।

    86- तबस्सुम , रिलायन्स टॉवर के पास हाथरस

    100 प्रतिशत विकलांग होने के बाद भी आपने समाज में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने हेतु व्हील चेयर पर रहकर कक्षा-9 में अध्ययनरत हैं तथा धार्मिक शिक्षा भी ग्रहण कर रही हैं। साथ ही स्वरोजगार हेतु प्रोविजन स्टोर का संचालन भी कर रही हैं।

    87- सुमन देवी निवासी-अकबरपुर, सीतापुर

    शिया कॉलेज से एलएलबी कर रही सुमन देवी वर्तमान में क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। इनके द्वारा महिलाओं को जागरूक करने, गॉव में चिकित्सा कैम्प का आयोजन करने इत्यादि जैसे समाज सेवा के कार्य किये जा रहे हैं।

    88- नसीमा खां उर्फ नसीमा

    बंगाल की रहने वाली इस लड़की को इलाहाबाद, लाल बत्ती क्षेत्र में बेच दिया गया था, जिसके साथ 7 दिन तक 12 लोगों ने सामूहिक बलात्कार किया। वहां से बचकर, छुपकर, भागकर आम लोगों से मदद लेकर किसी तरह से थाने पहुंची, जबकि उसकी भाषा अधिकांश लोगों की समझ में नहीं आ रही थी। लड़की को समवासिनी गृह जैतपुरा, वाराणसी में रखा गया है। वह समवासिनी गृह में मानसिक रूप से अक्षम लड़कियों को दवाई, नहलाने, खिलाने आदि की जिम्मेदारी, कम्प्यूटर क्लास की मॉनिटरिंग, आफिस स्टाफ की फाइलों को व्यवस्थित करने, म्यूजिक क्लास की कैप्टन, मेहंदी, ब्यूटीशियन, कबड्डी, रस्सी कूद, योगासन आदि में बढ़-चढ़ कर प्रतिभाग एवं नेतृत्व करती है।