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    एक एप, क्यूआर कोड और क्लिक पर ही हो जाएगा ईएसआईसी लाभार्थी मरीज का पूरा इलाज

    By Vivek Rao Edited By: Dharmendra Pandey
    Updated: Sun, 04 Jan 2026 02:15 PM (IST)

    Public Utlility News:  प्रदेश के दस हजार निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण का लक्ष्य रखा गया है। मोबाइल मेडिकल यूनिट के जरिए निर्माण श्रमिकों को न ...और पढ़ें

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    ईएसआई अस्पतालों और औषधालयों में धनवंतरी माड्यूल 

    राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ: कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) योजना में हुए डिजिटल बदलाव ने इलाज को मोबाइल तक पहुंचा दिया है। एक एप, क्यूआर कोड और एक क्लिक से डाक्टर से अपाइंटमेंट, दवाओं की डिलीवरी और जांच रिपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलनी शुरू हो गई है। इससे न सिर्फ समय की बचत हो रही है, बल्कि इलाज की प्रक्रिया भी पहले से कहीं ज्यादा तेज और पारदर्शी हो गई है।

    एएए प्लस एप के माध्यम से लाभार्थी अब डॉक्टर से अपाइंटमेंट ले सकते हैं, दवाओं की होम डिलीवरी के साथ सभी जांच रिपोर्ट एक ही प्लेटफार्म पर देख सकते हैं। प्रदेश के सभी ईएसआई अस्पतालों और औषधालयों में धनवंतरी माड्यूल पूरी तरह लागू कर दिया गया है।

    इसके बाद मरीजों का पूरा स्वास्थ्य रिकार्ड अब डिजिटल रूप में सुरक्षित हो रहा है, जिससे इलाज और फालोअप और बेहतर हुआ है। क्यूआर माइक्रोसाइट के जरिये अस्पतालों की जियो-लोकेशन, प्रतिपूर्ति (रिंबर्समेंट) दावा चेकलिस्ट, जरूरी फार्म, हेल्पलाइन नंबर और ओपीडी व लैब सेवाओं की पूरी जानकारी मिल रही है।

    श्रम एवं सेवायोजन विभाग के प्रमुख सचिव डा. एमके शन्मुगा सुंदरम ने बताया कि ईएसआई योजना को और बेहतर बनाने के लिए स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग लिया जा रहा है। पीरामल फाउंडेशन के सहयोग से अस्पतालों और औषधालयों में धनवंतरी माड्यूल का बेहतर उपयोग, क्यूआर कोड के जरिये मरीजों से फीडबैक, कैचमेंट एरिया एप्रोच से प्रतिष्ठानों और चिकित्सा संस्थानों की जियो-टैगिंग की जा रही है।

    वहीं, अशोका यूनिवर्सिटी के सहयोग से अस्पतालों और डिस्पेंसरियों की जियो-लोकेशन को क्यूआर माइक्रोसाइट से जोड़ा गया है, जहां प्रतिपूर्ति दवा चेकलिस्ट, फार्म और हेल्पलाइन की पूरी जानकारी उपलब्ध है। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य संरक्षण और जागरूकता के लिए मोबाइल हेल्थ यूनिट शुरू की गई है।

    पहले चरण में प्रदेश के दस हजार निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण का लक्ष्य रखा गया है। मोबाइल मेडिकल यूनिट के जरिए निर्माण श्रमिकों को निश्शुल्क बेसिक हेल्थ चेकअप की सुविधा मिल रही है। इसमें करीब 45 तरह की जांच की जा रही हैं और हर निर्माण स्थल पर कम से कम 100 श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।

    "धन्वंतरि मॉड्यूल" मुख्य रूप से भारत सरकार के कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के उपयोग की जाने वाली एक अस्पताल सूचना प्रणाली का हिस्सा है। इसका प्रयोग अस्पतालों व औषधालयों में रोगी रिकॉर्ड, बिलिंग और प्रशासनिक कार्यों को प्रबंधित करने के लिए होता है। जिससे बेहतर स्वास्थ्य सेवा और दक्षता मिलती है, खासकर कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) और चिकित्सा क्लीनिकों जैसे स्थानों पर। यह सिस्टम ईएसआईसी अस्पतालों में उपयोग होता है और रोगी देखभाल में सुधार करता है।

    दस हजार निर्माण श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण

    उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य संरक्षण और जागरूकता के लिए मोबाइल हेल्थ यूनिट शुरू की गई है। पहले चरण में प्रदेश के 10 हजार निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण का लक्ष्य रखा गया है। मोबाइल मेडिकल यूनिट के जरिए निर्माण श्रमिकों को निश्शुल्क बेसिक हेल्थ चेकअप की सुविधा मिल रही है। इसमें करीब 45 तरह की जांच की जा रही हैं और हर निर्माण स्थल पर कम से कम 100 श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।