Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    'घर में सिर्फ मंदिर बने, ताकि बहनों की रूह को खुशी मिले', VIRAL VIDEO में क्या-क्या बोला अरशद?

    Updated: Wed, 01 Jan 2025 08:48 PM (IST)

    लखनऊ में चार बहनों की हत्या मामले में आरोपी अरशद का चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। उसने वीडियो में बस्ती वालों पर घर छीनने दबंगई और बहनों को हैदराबाद में बेचने की साजिश का आरोप लगाया। अरशद ने कहा कि परिवार ने मजबूरी में यह कदम उठाया। वीडियो में उसने खुद को फुटपाथ पर भटकने की मजबूरी और पुलिस-प्रशासन की अनदेखी का शिकार बताया।

    Hero Image
    VIRAL VIDEO में क्या-क्या बोला अरशद ?

    जागरण संवाददाता, लखनऊ। मेरा नाम मोहम्मद अरशद है, आज बस्ती वालों की वजह से, उनसे थक हारकर, मजबूरी में मेरे परिवार ने यह कदम उठाया है। आज अपने हाथ से अपनी बहनों को मैंने मार दिया है। पुलिस को जब यह वीडियो मिले तो जानें कि घटना के पीछे बस्ती वाले हैं। उन्होंने हमारा घर छीनने के लिए कितने जुल्म हम सब पर किए।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    हमने आवाज उठाई पर किसी ने हमारी न सुनी। हम 10-15 दिन से फुटपाथ पर भटकने को विवश हैं। हमारा घर छीन लिया गया है, मकान के कागजात हमारे पास हैं, जो हम मंदिर के नाम पर करना चाहते थे। हम अपना धर्म परिवर्तन करना चाहते थे। मो.अरशद जब अपनी बहनों की हत्या कर रहा था, उस दौरान उसने एक वीडियो बनाया, जिसमें वह यह बातें कहता नजर आया।

    बस्ती के कुछ दबंगों पर जमीन कब्जाने का आरोप

    आगरा के टेढ़ी बगिया के इस्लाम नगर का रहने वाला मो. अरशद वीडियो में आरोप लगा रहा है कि बस्ती के कुछ दबंग जमीनों पर कब्जा करते हैं, गैरकानूनी धंधे करते हैं। उसने वीडियो में आगरा के ही रानू उर्फ आफताब अहमद, अलीम, सलीम, ड्राइवर, अहमद, आरिफ, अजहर व अन्य रिश्तेदार व आटो चालक पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

    साथ ही कहा कि पिता मो. बदर व मुझे झूठे मामले में जेल पहुंचाकर बस्ती के दबंग मेरी बहनों को हैदराबाद में बेचना चाहते थे। इसलिए यह गुनाह मैंने व पिता ने मिलकर किया है। बहनों का गला दबाकर, हाथों की नसें काटकर हत्या करनी पड़ी। कई धार्मिक संगठनों से मदद मांगी पर किसी ने साथ नहीं दिया। बस्ती में लोग कहते हैं कि हम बांग्लादेशी हैं, जबकि हमारा परिवार बदायूं का रहने वाला है।

    'वर्ष 1947 तक के दस्तावेज मिल जाएंगे'

    इसका सबूत बदायूं में रहने वाली ताई हैं, जिनसे वर्ष 1947 तक के दस्तावेज मिल जाएंगे, जो बताते हैं कि हमारा नाता हिन्दुस्तान से पुराना है। वीडियो में बताया कि वह धर्म परिवर्तन करना चाहता था और अपने खाली प्लाट पर मंदिर बनवाना चाहता था।

    वीडियो के अंत में वह कहता है कि योगी जी यदि आप सच्चे हिंदू हो तो मरने के बाद हमें इंसाफ दिलाओ। मेरी बहनों ने घर में जो सामान सजाया है, उसे अनाथ आश्रम में दान कर दिया जाए और हमारे घर को मंदिर बना दिया जाए ताकि बहनों की रूह को खुशी मिले। यह बेचारी बहुत तड़पी हैं, इन्हें इंसाफ मिलना चाहिए।

    सरकार कहती है कि बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ, लेकिन ये बस्ती वाले हमारी बहनों को बेचना चाहते थे। हम अपनी बहनों को बिकते हुए नहीं देखना चाहते थे, इसलिए यह कदम उठाया है। मो. अरशद ने होटल मालिक को बेगुनाह भी बताया है। वहीं वीडियो में पिता मो. बदर अपनी सबसे छोटी बेटी की नाक व गला दबाए हुए भी दिख रहा है। पुलिस इस वीडियो की सत्यता की जांच में जुट गई है।

    ये भी पढ़ें - 

    मां-बहनों को किसी से बात नहीं करने देता था अरशद, लखनऊ के 5 होटल घूमा; हत्या के बाद पिता के साथ बिताया समय