मां-बहनों को किसी से बात नहीं करने देता था अरशद, लखनऊ के 5 होटल घूमा; हत्या के बाद पिता के साथ बिताया समय
लखनऊ में मां और चार बहनों की हत्या का मामला सामने आया है। आरोपी अरशद पहले से साजिश रचकर लखनऊ पहुंचा था। उसने डोरमेट्री रूम बुक किया ताकि वारदात को अंजाम दे सके। पुलिस जांच में पता चला कि अरशद घर में मां-बहनों को किसी से बात नहीं करने देता था।अरशद अकेले ही खाना लाता था और घटना के बाद परिवार समेत होटल से निकल गया।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। मां और बहनों की हत्या करने की साजिश अरशद पहले से ही रचकर लखनऊ पहुंचा था। इसी के चलते उसने पांच बेड वाला डोरमेट्री रूम बुक किया था, ताकि घटना को आसानी से अंजाम दे सके। इसके लिए वह पांच होटल घूमा तब तक जाकर उसने शरनजीत होटल को चुना था।
पुलिस जांच में सामने आया कि अरशद आगरा में घर में मां और सभी बहनों को बंद कर रखता था। ताकि वह किसी से बात न कर सकें। अगर इलाके में कोई उन लोगों से बात कर लेता था, तो घर में विवाद करता था। उन लोगों की पिटाई तक कर देता था।
मां-बहनों को किसी से बात नहीं करने दे रहा था अरशद
फेरी लगाते वक्त भी वह किसी से बात नहीं करता था। लखनऊ पहुंचा तो यहां भी मां-बहनों को किसी से बात नहीं करने दे रहा था। एक कमरा लेने के लिए वह पहले से ही तय करके आया था। चारबाग इलाके में कुछ होटल में गया और कमरा लेने के लिए कहा। इस पर सात लोगों की संख्या होने पर दो कमरे लेने की बात कह रहे थे।
इसपर वह एक ही कमरे में रुकने की बात कह रहा था। इस तरह वह पांच से छह होटल में गया, जहां पर एक कमरा नहीं मिला तो वह लौट आता था। इसके बाद वह शरनजीत होटल पहुंचा। यहां पर भी उसने एक साथ रुकने की बात कही। होटल मैनेजर ने परिवार देख डोरमेट्री में रुकने की बात कही तो उसने हां कर दी। इसके बाद सब लोग कमरे में चले गए। उसके बाद 31 दिसंबर की देर रात उसने घटना को अंजाम दिया।
होटल से खाना लेने के लिए निकला
होटल स्टाफ ने बताया कि कमरे लेने के बाद कोई भी महिला बाहर नहीं निकली थी। खाना भी खुद लेने के लिए जाता था। इस दौरान कमरे में पिता बदर रुकता था, लेकिन 31 दिसंबर की रात वह पिता के साथ खाना लेने के लिए गया था। फिर साथ लौट कर आए और सुबह होटल से चुपचाप निकल गए। होटल स्टाफ के लोग कमरा देखने गए तो बाहर से बंद था।
अरशद का वीडियो हुआ वायरल
वहीं अरशद का भी एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उसने कहा- आज बस्ती वालों से तंग आकर मैने अपनी मां और चार बहनों की हत्या कर दी है। लेकिन इन सबके पीछे बस्तीवालों का हाथ है। इन लोगों ने हमारा घर छीनना चाहा। हमने कई बार आवाज उठाई, लेकिन हमारी बात किसी ने नहीं सुनी। हम ठंड में इधर-उधर भटक रहे हैं। हम अपना धर्म परिवर्तन करना चाहते थे, अपना सबकुछ मंदिर के नाम करना चाहते थे। मेरी योगी जी से गुजारिश है, इन जैसे मुसलमानों को मत छोड़ो। आप जो भी कर रहे हो बढ़िया कर रहे हो।
अरशद ने अपने परिवार की मौत के लिए रानू उर्फ अफताब अहमद, शलीम खान, अहमद, आरिफ, अजहर और उसके रिश्तेदार शामिल हैं। आरोपी अरशद ने बताया कि ये सभी लोग एक गैंग चलाते हैं, जिसमें लड़कियों को बेचते हैं। इनका प्लान था कि हमें जेल भेजकर हमारी बहनों को हैदराबाद में बेच देना। इसलिए मजबूरन हमने अपनी बहनों को गला दबाकर और हाथ की नस काटकर मारना पड़ा।
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