अब बाल गृह और महिला शरणालयों में नहीं होगी लापरवाही, तीन स्तरीय रियल टाइम निगरानी
Three Tier Monitoring: मंडल और जिला कार्यालयों पर भी मानिटरिंग डिस्प्ले लगाए गए हैं। महिला कल्याण विभाग वर्तमान में प्रदेश में 60 बाल गृह ओर 10 महिला ...और पढ़ें

बाल गृहों और महिला शरणालयों में सुरक्षा के लिए 24 घंटे-सातों दिन निगरानी की व्यवस्था
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ: बाल गृह से बच्चों के फरार होने और महिला शरणालयों में किसी भी तरह की अप्रिय घटना पर अंकुश लगाया जा रहा है। अब सभी बाल गृहों और महिला शरणालयों में सुरक्षा के लिए 24 घंटे-सातों दिन निगरानी की व्यवस्था की गई है।
यह पहल केवल निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, गरिमा, देखरेख और अधिकारों की रक्षा की दिशा में सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को जमीन पर उतारने का मजबूत कदम है।
सीसी कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए अत्याधुनिक स्टेट डाटा मैनेजमेंट सेंटर (एसडीएमसी) का संचालन हो रहा है। वहीं मंडल और जिला कार्यालयों पर भी मानिटरिंग डिस्प्ले लगाए गए हैं। महिला कल्याण विभाग वर्तमान में प्रदेश में 60 बाल गृह ओर 10 महिला शरणालयों का संचालन कर रहा है।
निगरानी के लिए सभी परिसरों में सीसी कैमरे लगाए गए हैं और पिछले अप्रैल में महिला कल्याण निगम में एसडीएमसी शुरू किया गया था। इसके माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी के लिए छह कर्मचारियों की तीन शिफ्ट में तैनाती की गई है।
वहीं मंडल स्तर पर मानीटरिंग के लिए अब तक 15 मंडलीय कार्यालयों और जिला स्तर पर निगरानी के लिए अब तक 28 जिला स्तरीय कार्यालयों में मानिटरिंग डिस्प्ले लगाए जा चुके हैं। विभाग के अनुसार शेष रह गए मंडल (चित्रकूट, अयोध्या) और तीन जिलों (चित्रकूट, अयोध्या, सहारनपुर) में इसका काम चल रहा है , जो एक सप्ताह में पूरा हो जाएगा।

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