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    उत्तर प्रदेश के नौ शहरों को मिला टाउनशिप का तोहफा, योगी सरकार ने 14 योजनाओं के लिए दिए 1285 करोड़ रुपये

    Updated: Wed, 11 Dec 2024 06:00 AM (IST)

    उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के नौ शहरों में 14 नई टाउनशिप विकसित करने के लिए विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद को 1285 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है। यह धनराशि मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नये शहर प्रोत्साहन योजना के तहत दी गई है जिसका उद्देश्य राज्य के शहरी क्षेत्रों में सुनियोजित और सुव्यवस्थित विकास को बढ़ावा देना है।

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    विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद को 1285 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। राज्य के नौ शहरों में 14 नई टाउनशिप विकसित करने के लिए विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद को 1285 करोड़ रुपये दिए गए हैं। 

    राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नये शहर प्रोत्साहन योजना के तहत आठ विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद को भूमि अर्जन के लिए बतौर सीड कैपिटल धनराशि दी है।

    मिल चुकी है प्रस्ताव को मंजूरी

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 22 नवंबर को हुई कैबिनेट की बैठक में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। मंगलवार को जारी संबंधित शासनादेश के अनुसार, 1285 करोड़ रुपये में से सर्वाधिक 400 करोड़ रुपये आवास विकास परिषद को उसकी लखनऊ व अयोध्या की तीन योजनाओं के लिए दिए गए हैं। 

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    इसी तरह लखनऊ विकास प्राधिकरण को दो योजनाओं के लिए 300 करोड़ रुपये मिले हैं। मेरठ विकास प्राधिकरण को 200 करोड़, दो योजनाओं के लिए मथुरा-वृंदावन को 175 करोड़, सहारनपुर को 75 करोड़, मुरादाबाद को 50 करोड़, फिरोजाबाद को 40 करोड़, खुर्जा को 25 करोड़ व बांदा विकास प्राधिकरण को 20 करोड़ करोड़ रुपये दिए गए हैं।

    4164.16 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान

    वैसे तो प्राधिकरण व परिषद की नौ योजनाओं के भूमि अर्जन पर 4164.16 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान है लेकिन पहली किस्त के तौर पर 1285 करोड़ रुपये दिए गए हैं। दी गई धनराशि के बराबर संबंधित प्राधिकरण-परिषद को अपने पास से मैचिंग राशि भी मिलानी होगी। 

    75 प्रतिशत धनराशि खर्च होने का प्रमाण पत्र देने के बाद ही दूसरी किस्त जारी की जाएगी। प्राधिकरण-परिषद को प्रस्तावित टाउनशिप में पर्याप्त पेयजल व भू-गर्भ जल संरक्षण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करना होगा। 

    गौरतलब है कि नगरीय क्षेत्रों के सुनियोजित व सुव्यवस्थित विकास के साथ-साथ नगरीय जनसंख्या को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराए जाने के लिए योगी सरकार ने मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नये शहर प्रोत्साहन योजना चालू की है। 

    योजना के तहत प्राधिकरणों को भूमि अर्जन में आने वाले खर्च के 50 प्रतिशत तक राज्य सरकार द्वारा सीड कैपिटल के रूप में अधिकतम 20 वर्ष की अवधि के लिए दिए जाने की व्यवस्था की गई है।

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