लखनऊ। मां गंगा प्रदूषण मुक्त अभियान समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी हरि चैतन्य ब्रह्मचारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से खफा हैं। उनका आरोप है कि मोदी ने गंगा के नाम पर देशवासियों को सिर्फ ठगने का काम किया है। चुनाव के समय गंगा के नाम पर वोट लिया और अब वे सिर्फ घोषणाएं कर रहे हैं। अब तक केंद्र सरकार ने गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए कुछ भी नहीं किया है। १२ हजार करोड़ रुपये से गंगा को साफ करने के लिए नमामि गंगे प्रोजेक्ट बनाया गया है, पर यह सफल नहीं होगा, क्योंकि प्रधानमंत्री ने धन जारी कर काम कराने के बजाय घोषणा करने में जुटे हुए हैं। सरसैया घाट पर गंगा की पुकार कार्यक्रम में आए स्वामी हरि चैतन्य ब्रह्मचारी ने यह बात कहीं।

स्वामी जी ने कहा कि उमा भारती जब मंत्री नहीं थीं तो इलाहाबाद के एक कार्यक्रम में उन्होंने गंगा की दुर्दशा देख अन्न त्यागने की घोषणा की थी। जल संसाधन एवं गंगा सफाई मंत्री बनने के बाद वह गंगा को भूल गईं। गंगा तो जस की तस हैं पर उमा भारती ने अन्न खाना जरूर शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को गंगा की अविरलता के लिए कई बार पत्र लिखा लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। मेरी तो उन्हें सलाह है कि वे बातें कम काम ज्यादा करें। इससे पूर्व उन्होंने कार्यक्रम में कहा कि प्रदेश सरकार गंगा के लिए अब प्रयास कर रही है यह सराहनीय है।

Posted By: Nawal Mishra

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