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    सीएम योगी के विजन से बदला यूपी का माहौल, गोरखपुर की मंशा देवी बनीं लखपति दीदी

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 07:27 PM (IST)

    गोरखपुर की मंशा देवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से प्रेरित होकर खुद को आत्मनिर्भर बनाया और 60 से अधिक महिलाओं को रोजगार दिया। स्वयं सहायता ...और पढ़ें

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    सीएम योगी के विजन से गोरखपुर की मंशा देवी बनीं लखपति दीदी

    डिजिटल डेस्क, लखनऊ/गोरखपुर। उत्तर प्रदेश की सड़कों पर अब सिर्फ ई-रिक्शा नहीं, बल्कि महिलाओं का आत्मविश्वास दौड़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' के विजन को धरातल पर उतारते हुए गोरखपुर की मंशा देवी ने एक नई मिसाल पेश की है। कभी आर्थिक तंगी के बीच रास्ता तलाशने वाली मंशा देवी आज न केवल खुद 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं, बल्कि 60 अन्य ग्रामीण महिलाओं को ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण देकर उन्हें सम्मानजनक आजीविका से जोड़ चुकी हैं। उनके इस अदम्य साहस और सफलता को देखते हुए उन्हें आगामी 26 जनवरी को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने का विशेष निमंत्रण मिला है।

    समूह सखी से 'मास्टर ट्रेनर' बनने का सफर

    मंशा देवी की कहानी संघर्ष और सही सरकारी नीति के मेल का परिणाम है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की 'सेफ मोबिलिटी' योजना के तहत उन्होंने ई-रिक्शा चलाना सीखा और देखते ही देखते वह एक कुशल ट्रेनर बन गईं।

    • कमाई में उछाल: पहले जहाँ आय का कोई निश्चित साधन नहीं था, वहीं आज वे प्रति माह 20 से 30 हजार रुपये (सालाना करीब 3 लाख रुपये) कमा रही हैं।

    • मुद्रा योजना का संबल: उन्हें मुद्रा योजना से 1.25 लाख रुपये और ब्लॉक स्तर से 1 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिली, जिसने उनके सपनों को पंख दिए।

    60 महिलाओं को बनाया 'रोड की स्टार'

    मंशा देवी ने अपनी सफलता को व्यक्तिगत नहीं रहने दिया। उन्होंने ब्रह्मपुर ब्लॉक सहित पूरे गोरखपुर जिले की 60 महिलाओं को ड्राइविंग, लाइसेंसिंग और उद्यमिता का प्रशिक्षण दिया है। आज ये महिलाएं सड़कों पर बेखौफ होकर ई-रिक्शा चला रही हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में सुरक्षित परिवहन का एक नया माहौल तैयार हुआ है। यह बदलाव केवल आर्थिक नहीं है, बल्कि सामाजिक भी है, जहाँ ग्रामीण महिलाएं स्टेयरिंग थामकर अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

    सुरक्षा और स्वरोजगार का 'योगी मॉडल'

    'सेफ मोबिलिटी' कार्यक्रम, डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स और आजीविका मिशन के बीच हुए एक विशेष अनुबंध का परिणाम है। मिशन निदेशक दीपा रंजन के मार्गदर्शन में चल रहा यह अभियान महिला सुरक्षा और स्वरोजगार को एक साथ जोड़ता है। मंशा देवी की सफलता यह साबित करती है कि यदि ग्रामीण महिलाओं को सही प्रशिक्षण और वित्तीय आधार मिले, तो वे समाज की मुख्यधारा में सबसे आगे खड़ी हो सकती हैं। अब गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ और प्रधानमंत्री से उनकी मुलाकात पूरे प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगी।