CM Yogi से गुहार के 24 घंटे में मिला करोड़ों का मकान, घर में कदम रखते ही अंजना रोते हुए बोली- 'थैंक्यू योगी अंकल'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पुलिस ने 24 घंटे में मेजर की बेटी अंजना को इंदिरा नगर स्थित उसका करोड़ों का मकान भूमाफिया से मुक्त कराकर वापस ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। नए वर्ष का पहला दिन एक मेजर की बेटी अंजना के लिए न्याय, राहत और भावनाओं का सैलाब लेकर आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश पर 24 घंटे के भीतर पुलिस ने भूमाफिया से कब्जा मुक्त कराकर इंदिरा नगर स्थित करोड़ों रुपये का मकान अंजना को सौंप दिया। दबंगों की प्रताड़ना झेल रही अंजना के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं था। घर में कदम रखते ही उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े और जुबान से निकला-“थैंक्यू योगी अंकल! गाड ब्लेस यू।”
अंजना के पिता स्व. बिपिन चंद्र भट्ट भारतीय सेना में मेजर थे। वर्ष 1994 में उनके निधन के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। समय के साथ अंजना ने अपने भाई और बहन को भी खो दिया। अकेलेपन और गहरे आघात के बीच वह गंभीर मानसिक बीमारी ''''सीजोफ्रेनिया'''' की शिकार हो गईं और वर्ष 2016 से रिहैब सेंटर में इलाज करा रही हैं। उनकी इस मजबूरी का फायदा उठाकर चंदौली निवासी बलवंत कुमार यादव और उसके साथी मनोज कुमार यादव ने लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित ए-418 मकान पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा कर लिया।
बुधवार को अंजना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी पीड़ा सुनाई। उन्होंने बताया कि छह दिसंबर को स्थानीय थाने में प्रार्थना पत्र देकर इसे खाली कराने का आग्रह किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई तब उनके पास आना पड़ा। सैनिक की बेटी की व्यथा सुनते ही मुख्यमंत्री ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए और 24 घंटे के भीतर न्याय का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस हरकत में आई। गुरुवार दोपहर से पहले जांच पूरी कर मकान से अवैध कब्जा हटवा दिया गया। अंजना को उनका घर वापस मिल गया।
घर में प्रवेश करते ही अंजना भाव-विह्वल हो उठीं। हर कमरे की दीवारों को छूकर उन्होंने अपने बीते दिनों को याद किया। नारियल फोड़ा, दीप जलाया और पड़ोस की महिलाओं से लिपटकर रो पड़ीं। यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर गया।
अंजना बार-बार मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताती रहीं और कहती रहीं- “योगी अंकल महान हैं, उन्होंने हमें सहारा दिया।” इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बलवंत कुमार यादव और उसके साथी मनोज कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया है। एसीपी गाजीपुर अनिंद्य विक्रम सिंह ने बताया कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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