यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सिलिंडर से सिर कूचकर महिला की हत्या, लापता बेटे ने फोन कर कही अपहरण की बात, मचा हड़कंप
लखनऊ के बाबू खेड़ा में रेनू यादव की हत्या से सनसनी फैल गई। परिवार ने लूट और अपहरण का आरोप ...और पढ़ें

HighLights
- मृतका के बेटे की बात में मिली गोलमोल, लोन रिकवरी वालों का आया था फोन
- पीजीआइ थाना क्षेत्र का मामला, पुलिस की पांच टीम बेटे की तलाश में जुटी
जागरण टीम, लखनऊ। रायबरेली रोड स्थित बाबू खेड़ा में शुक्रवार को 45 वर्षीय रेनू यादव की सिलिंडर से सिर कूचकर संदिग्ध हालात में हत्या कर दी गई। परिवार वालों का आरोप है कि लूटपाट के बाद हत्या की गई और उनके छोटे बेटे का अपहरण कर लिया गया है।
हालांकि, पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) दक्षिणी निपुण अग्रवाल का कहना है कि सीसी फुटेज में बेटा बाइक से जाता हुआ दिखा है, जिससे लगता है कि उसका अपहरण नहीं हुआ है। साथ ही, लूट की बात अभी तक सामने नहीं आई है। पुलिस ने पांच टीमों को तलाश के लिए लगाया है। बेटे की तलाश में टीम लगी हुई है।
यह है पूरा मामला
पीजीआइ पुलिस ने बताया कि बाबूखेड़ा में रमेश यादव अपनी पत्नी रेनू और तीन बेटों के साथ रहते हैं। रमेश दूध का व्यवसाय करते हैं। उनके सबसे छोटे बेटे नितिन ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब पांच बजे घर पहुंचने पर देखा कि घर का सारा सामान बिखरा पड़ा था और उनकी मां आंगन के पास खून से लथपथ पड़ी थीं।
नितिन के अनुसार, उनकी मां के शव के पास खून से सना सिलेंडर पड़ा था और उनके सिर से काफी खून निकल रहा था। नितिन का आरोप है कि लूटपाट के बाद बदमाशों ने उनकी मां के सिर पर सिलेंडर से हमला कर हत्या कर दी।
नितिन के भाई निखिल ने अपने दोस्त अरुण को फोन कर बताया था कि उसका अपहरण हो गया है, लेकिन उसके बाद से निखिल का फोन बंद है। निखिल दो दिन पहले अपनी मां को लेकर काकोरी स्थित मायके गया था और शाम चार बजे के करीब घर लौटा था।
इसके आधे घंटे बाद ही उनकी मां की हत्या हो गई। पति रमेश यादव ने बताया कि शुक्रवार सुबह उन्हें एक अनजान नंबर से फोन आया था, जिसमें कहा गया था कि उनके बेटे निखिल ने जो लोन लिया है, वह नहीं दे रहा है और अगर जल्दी नहीं दिया तो अंजाम बुरा होगा। उन्होंने यह भी बताया कि अलमारी और बक्से से लगभग सात लाख रुपये के जेवरात और नकदी गायब हैं।
लोन चुकाने न पर आ रहे थे फोन: डीसीपी ने बताया कि जांच में सामने आया कि निखिल ने आनलाइन लोन लिया था। वह चुका नहीं रहा था। उसे के लिए उसे फोन आ रहे थे। ऐसे में उसे रुपयों की बहुत जरूरत थी। टीम ने सीसी फुटेज खंगाले। उसमें कोई भी अनजान लोग गांव
में दाखिल होते नहीं दिखे हैं। ऐसे में पुलिस परिवारिक कलह खंगाल रही है। साथ ही निखिल की तलाश में संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है।
दोस्त को फोन कर निखिल ने रची कहानी
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि निखिल ने अपने दोस्त निखिल को पहला फोन तीन बजकर 21 मिनट किया था, जो उसने उठाया नहीं था। अरुण ने करीब एक घंटे बाद साढ़े चार बजे फोन किया तो कहने लगा कि उसको वह लोग मार देंगे। उसका अपहरण हो गया। फिर फोन बंद हो गया।
घर के रास्ते को खंगाला गया तो बैग टांग कर बाइक से जाते हुए दिखा है। ऐसे में निखिल पर पुलिस को सबसे ज्यादा शक है। उसके पकड़ में आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
