किताबें कबाड़ में बेचने के आरोपी प्रधानाध्यापक निलंबित, शिक्षक और शिक्षा मित्र को चेतावनी
मोहनलालगंज के नेवाजखेड़ा प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक रवींद्र गुप्ता को बच्चों की किताबें कबाड़ी को बेचने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। खं ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, लखनऊ। बच्चों को बांटने के लिए आईं किताबें विभाग को वापस करने के बजाय कबाड़ी को बेचने के मुख्य आरोपी मोहनलागंज के नेवाजखेड़ा के प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक को गुरुवार को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही शिक्षक और शिक्षा मित्र को चेतावनी दी गई है।
यह कार्रवाई खंड शिक्षा अधिकारी सुशील कननौजिया की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। जांच में प्रधानाध्यापक रवींद्र गुप्ता, शिक्षक पंकज मणि त्रिपाठी और शिक्षा मित्र अशोक कुमार को जिम्मेदार ठहराया गया था। खंड शिक्षा अधिकारी ने बुधवार की देर रात बेसिक शिक्षा अधिकारी को जांच रिपोर्ट सौंपी थी।
बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया। मंगलवार को वायरल वीडियो भी सही था। करोरा बाजार के कबाड़ी मोनू ने किताबें खरीदी थी। जांच में कबाड़ी ने बताया कि प्रधानाध्यापक रवींद्र गुप्ता ने बेचने का सौदा किया था। उनके बुलावे पर वह ठेला और तौल कांटा लेकर मंगलवार को स्कूल पहुंचा था।
शीतकालीन अवकाश के चलते स्कूल बंद था। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को निश्शुल्क किताबें देने का प्रविधान है। बचीं किताबों काे विभाग को वापस दिया जाता है। पास के स्कूलों में किताबें देने का भी प्राविधान है।
वापस करने के बजाया किताबों को 11 रुपये किलो के हिसाब से कबाड़ी को बेच दिया गया। दो क्विंटल किताबों में वर्तमान और पिछले सत्र के अलावा कार्य पुस्तिकाएं थीं। मोहनलालगंज के नेवाजखेड़ा के प्राथमिक विद्यालय से किताबें बेचने का वीडियो वायरल होने के 48 घंटे के बाद कार्रवाई तो हो गई, लेकिन किताबें बरामद नहीं हुईं।
प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार सिंह का कहना है कि किताबें अभी तक बरामद नहीं हुई हैं। ऐसे में किताबें कहां गईं, इसकी भी जांच होनी चाहिए। ग्रामीणों ने भी जांच की मांग की है।

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