मथुरा से लखनऊ तक... यूपी के 5 जिलों की नदियों में दौड़ेगी वॉटर मेट्रो, परिवहन मंत्री ने दिया ये बड़ा हिंट
लखनऊ में गोमती नदी में वाटर मेट्रो परियोजना जल्द शुरू होगी। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कोच्चि मेट्रो निदेशक के साथ बैठक में तकनीकी व्यवहार्यता रिपो ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। वाटर मेट्रो के जरिये प्रदेश में जल परिवहन का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। जहां नाव नहीं, बल्कि तकनीक से लैस मेट्रो गोमती की लहरों पर दौड़ेगी और प्रदेश को विकास की नई दिशा देगी। शुक्रवार को परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने इसे लेकर कोच्चि मेट्रो के निदेशक संजय कुमार के साथ बैठक की। इसमें लखनऊ के गोमती नदी में वाटर मेट्रो संचालन की तकनीकी व्यवहारिकता अध्ययन रिपोर्ट पर चर्चा हुई।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि गोमती नदी में जल्द ही वाटर मेट्रो संचालन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद मथुरा में यमुना नदी पर आगरा से मथुरा तक, गोरखपुर में रामगढ़ ताल, बलिया में सुरहा ताल और गंगा नदी में भी वाटर मेट्रो संचालन की योजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
परिवहन मंत्री ने बताया कि प्रदेश के तीन प्रमुख स्थानों के लिए तकनीकी व्यवहारिकता अध्ययन रिपोर्ट पहले ही तैयार हो चुकी है। लखनऊ में गोमती नदी में वाटर मेट्रो संचालन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। वाटर मेट्रो से न केवल लोगों को आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी, बल्कि इससे पर्यटन को बढ़ावा, रोजगार के नए अवसर और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
साथ ही यह परियोजना जनता के लिए मनोरंजन का नया साधन भी बनेगी। परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया कि वाटर मेट्रो संचालन से पहले कई महत्वपूर्ण तकनीकी और पर्यावरणीय प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
इसमें नेविगेशनल एड, इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, पैसेंजर काउंटिंग सिस्टम, पर्यावरणीय व्यवस्था, सोशल इंपैक्ट स्टडी, टर्मिनल और जेट्टी निर्माण, रोड कनेक्टिविटी, पोंटून, आटोमेटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम, इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर (11 केवी हाईटेंशन लाइन), बोट चार्जर, फायर प्रोटेक्शन सिस्टम, एचवीएसी जैसी व्यवस्थाओं का विस्तृत अध्ययन शामिल है।
इन सभी अध्ययनों के बाद डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। डीपीआर के आधार पर परियोजना की अनुमानित लागत तय होगी और फिर सरकार या संबंधित प्राधिकरण द्वारा अलग-अलग कार्यों के लिए निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद परियोजना को धरातल पर उतारा जाएगा।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वाटर मेट्रो परियोजना से जुड़ी सभी आवश्यक कार्यवाहियों में तेजी लाई जाए, ताकि मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट को जल्द अमल में लाया जा सके। उन्होंने परियोजना पर होने वाले संभावित व्यय का पूरा विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए, जिससे शासन स्तर पर बजट आवंटन की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।

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