हाइकोर्ट अधिवक्ता बन जालसाज ने नौकरी व मकान दिलाने के नाम पर ऐंठी रकम, विभूतिखंड थाने में मुकदमा दर्ज
एक जालसाज ने खुद को हाईकोर्ट अधिवक्ता बताकर लखनऊ में आवास विकास का मकान दिलाने, भाई को पीएनबी में नौकरी लगवाने और दाखिल खारिज का केस कराने के नाम पर द ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, लखनऊ। हाइकोर्ट अधिवक्ता बनकर जालसाज ने आवास विकास का मकान दिलाने, भाइ की पीएनबी में नौकरी व दाखिल खारिज का केस कराने के नाम पर 7.16 लाख रुपये ऐंठ लिए। आरोपित ने रायबरेली व अमेठी के दो पीड़ितों को जाल में फंसाया था। काम न होने पर पीड़ितों ने रुपये वापस मांगे तो धमकाया गया। इंस्पेक्टर विभूतिखंड अमर सिंह ने बताया कि तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
रायबरेली के हरचंदपुर निवासी आशीष कुमार तिवारी ने बताया कि कुछ वर्ष पहले रायबरेली के इस्माइलमऊ गौरा निवासी आशीष दीक्षित से मुलाकात हुई थी। आरोपित ने बातचीत में खुद को हाइकोई अधिवक्ता बताया था। कुछ दिन बाद आशीष दीक्षित ने उन्हें बताया कि लखनऊ में आवास विकास का एक मकान और प्लाट बिकाऊ है।
अगर लेना हाे तो वे कम कीमत पर दिला सकते हैं। मकान दिखाने की बात कहकर जालसाज ने हाइकोर्ट गेट नंबर-6 पर आने की बात कही। पीड़ित आशीष पत्नी संगीता संग वहां पहुंचा। आरोपित ने मकान दिखाया। पसंद आने पर करीब 1.50 लाख रुपये एडवांस दिए। साथ ही स्टांप व रजिस्ट्री खर्चे के नाम पर एक लाख और लिए।
पीड़ित ने बताया कि आरोपित ने उसके छोटे भाई हरीश की पीएनबी में नौकरी दिलाने के नाम पर भी 2.23 लाख रुपये लिए। मकान व नौकरी न मिलने पर पीड़ित ने अपने 4.73 लाख रुपये वापस मांगे तो आरोपित ने चेक दिया, जो बाउंस हो गया। शिकायत पर आरोपित व उसकी पत्नी काजल ने धमकाया।
वहीं, अमेठी जनपद के अमरौली स्थित ग्राम सिठौली निवासी सतीश कुमार ने बताया कि अगस्त 2023 में एक दोस्त के माध्यम से कथित अधिवक्ता आशीष दीक्षित से मुलाकात हुई थी। पीड़ित ने बातचीत में कहा कि उनके बाबा की एक जमीन है, जिसके दाखिल खारिज होना है। आरोपित ने काम कराने की बात कहकर सारे पेपर लेकर हाइकोर्ट गेट पर बुलाया।
पीड़ित ने बताया कि आरोपित ने पेपर व जज साहब के नाम पर कई बार में 2.43 लाख रुपये लिए। काम न होने पर पीड़ित ने रुपये वापस मांगे तो आरोप आशीष ने चेक दिया, जो बाउंस हो गया। संपर्क करने पर आरोपित ने गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने आशीष दीक्षित व उसकी पत्नी काजल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

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