लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर हंगामा करने वाला दरोगा सस्पेंड, कई महीनों से चल रहा था लाइन हाजिर
नववर्ष के जश्न के दौरान हजरतगंज चौराहे पर नशे की हालत में कार दौड़ाकर उत्पात मचाने वाले बाराबंकी पुलिस लाइन में तैनात दारोगा सौम्य जायसवाल को पुलिस अध ...और पढ़ें
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जागरण संवाददाता, लखनऊ। नववर्ष के जश्न के दौरान हजरतगंज चौराहे पर नशे की हालत में कार दौड़ाकर उत्पात मचाने वाले बाराबंकी पुलिस लाइन में तैनात दारोगा सौम्य जायसवाल को पुलिस अधीक्षक बाराबंकी अर्पित विजय वर्गीय ने शुक्रवार को निलंबित कर दिया। मामले की जांच एएसपी दक्षिणी को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दारोगा सौम्य जायसवाल पहले से ही लाइन हाजिर चल रहा था। चौकी पर तैनाती के दौरान भी उसके द्वारा आम लोगों और पुलिसकर्मियों से अभद्रता के कई मामले सामने आ चुके थे। इन्हीं शिकायतों के चलते उसके खिलाफ पहले से कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही थी।
31 दिसंबर को वह अवकाश पर था और इसी दौरान लखनऊ आया था। हजरतगंज पुलिस की ओर से पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट बाराबंकी पुलिस को भेजी गई, जिसके आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। बताया गया कि बुधवार देर रात करीब एक बजे हजरतगंज चौराहे पर नववर्ष के जश्न के कारण यातायात का दबाव था।
ट्रैफिक कंट्रोल रूम में तैनात दारोगा आशुतोष त्रिपाठी यातायात संचालन कर रहे थे। इसी दौरान रोवर्स की ओर से तेज रफ्तार में आ रही एक कार को रोकने का प्रयास किया गया। कार चला रहा दारोगा सौम्य जायसवाल रुकने के बजाय रफ्तार बढ़ाकर आगे बढ़ गया।
इस दौरान कई पुलिसकर्मी कुचलने से बाल-बाल बचे। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब ट्रैफिक दारोगा आशुतोष त्रिपाठी कार के बोनट पर आ गए और वाहन करीब सौ मीटर तक उन्हें घसीटता रहा। बाद में बैरिकेडिंग कर कार को रोका गया। मौके पर पहुंचे डीसीपी अपराध कमलेश दीक्षित से भी दारोगा सौम्य जायसवाल की तीखी नोकझोंक हुई।
अभद्रता और हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने उसे काबू में लिया। एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल के अनुसार, कार की तलाशी लेने पर उसमें पांच से छह शराब की बोतलें मिलीं और दारोगा के मुंह से शराब की तेज दुर्गंध आ रही थी। मेडिकल परीक्षण में शराब पीने की पुष्टि हुई। इसके बाद नशे में वाहन चलाने का चालान किया गया और बाराबंकी पुलिस अधीक्षक को रिपोर्ट भेजी गई। एसीपी ने बताया कि यदि समय रहते पुलिसकर्मी मौके पर न होते तो बड़ा हादसा हो सकता था। यह भी जांच की जा रही है कि दारोगा किस उद्देश्य से लखनऊ आया था।

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