आयुर्वेद निदेशालय में एक पटल पर जमे कर्मचारी हटेंगे, पत्रावलियों के रखरखाव में लापरवाही पर निदेशक नाराज
आयुर्वेद निदेशालय, लखनऊ में दशकों से एक ही पटल पर जमे कर्मचारियों का स्थानांतरण किया जाएगा। निदेशक चैत्रा वी. ने प्रशासनिक पारदर्शिता और व्यवस्था सुधा ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। आयुर्वेद निदेशालय में एक ही पटल पर दशकों से जमे कर्मचारियों को दूसरे कार्य सौंपे जाएंगे। निदेशक आयुर्वेद चैत्रा वी. ने कर्मचारियों को शासनादेश के अनुसार तैनात करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पटल स्थानांतरण को किसी प्रकार का उत्पीड़न न समझा जाए। ऐसा करने से प्रत्येक कर्मचारी को अलग-अलग पटल की जानकारी हो सकेगी।
निदेशक ने इंदिरा भवन स्थित निदेशालय के औचक निरीक्षण के दौरान कार्यालय की साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था सुधारने के अधिकारियों को निर्देश दिए। विभिन्न अनुभागों में पत्रावलियों और अभिलेखों का समुचित रखरखाव न करने, ई-आफिस के तहत की जा रही स्कैनिंग का कोई रिकार्ड या निगरानी तंत्र मिलने पर भी नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि कार्यालय परिसर की सफाई, टूटे और जर्जर फर्नीचर को हटाने, विद्युत तारों की मरम्मत, प्रत्येक अनुभाग में इंटरकाम लगाने और अभिलेखों के वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया जाए। पुरानी पत्रावलियों के निस्तारण के लिए समिति गठित करके 31 मार्च से पहले प्रक्रिया पूरी की जाए।
निदेशक ने कर्मचारियों से कहा कि कार्रवाई का उद्देश्य प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यवस्था सुधार के लिए है। अनुशासन स्थापित करने को व्यक्तिगत आरोपों से न जोड़ा जाए। वर्षों से चली आ रही अव्यवस्थाओं और नियम विरुद्ध कार्यप्रणाली को अनदेखा नहीं किया जा सकता है।
उन्होंने सुधारात्मक कदमों को उत्पीड़न बताने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। साथ ही न्यायालय में विचाराधीन मामलों में शासन व न्यायालय के निर्देशों का पालन करने, किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय न होने देने की बात भी निदेशक ने कही।

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