लखनऊ बनेगी देश की पहली AI सिटी, ग्लोबल टेक हब की रेस में उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लखनऊ में एक 'एआई सिटी' विकसित कर रही है। यह परियोजना प्रदेश को तकनीकी और डिजिटल पावरहाउस ...और पढ़ें

लखनऊ में एआई सिटी उत्तर प्रदेश को बनाएगी वैश्विक टेक हब
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश अब केवल अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए ही नहीं, बल्कि देश के एक बड़े तकनीकी और डिजिटल पावरहाउस के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने एक ऐसे विकास मॉडल की नींव रखी है, जिसका केंद्र अत्याधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है।
इस विजन का सबसे बड़ा गंतव्य लखनऊ में प्रस्तावित 'एआई सिटी' (AI City) है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में प्रदेश की जनता के नाम अपने पत्र 'योगी की पाती' में भी इस प्रोजेक्ट को लेकर अपनी अटूट प्रतिबद्धता जताई है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगी, बल्कि लखनऊ को दुनिया के टॉप-20 ग्लोबल एआई हब्स में शामिल करने का मार्ग भी प्रशस्त करेगी।
दो हिस्सों में बंटा होगा एआई सिटी का स्वरूप
लखनऊ की एआई सिटी को एक आत्मनिर्भर और स्मार्ट इकोसिस्टम के रूप में डिजाइन किया गया है। इसके मास्टरप्लान के तहत कुल क्षेत्रफल का 60 प्रतिशत हिस्सा 'कोर जोन' के रूप में आरक्षित होगा। इस क्षेत्र में हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई रिसर्च लैब्स, वर्ल्ड-क्लास डेटा सेंटर्स और स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर होंगे। शेष 40 प्रतिशत हिस्से में आधुनिक रेजिडेंशियल, कमर्शियल और सामाजिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे यहाँ काम करने वाले पेशेवरों को एक ही स्थान पर रहने, काम करने और मनोरंजन की सुविधाएं मिल सकें।
$1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था का 'ग्रोथ इंजन'
योगी सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए आईटी और एआई सेक्टर को मुख्य 'ग्रोथ इंजन' के रूप में देखा जा रहा है। सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को चुना है, ताकि निजी क्षेत्र के निवेश और तकनीकी विशेषज्ञता के साथ सरकारी सहयोग का एक मजबूत ढांचा तैयार हो सके।
वैश्विक कंपनियों के लिए 'सिंगल डेस्टिनेशन'
लखनऊ की एआई सिटी केवल इमारतों का समूह नहीं, बल्कि एक संपूर्ण टेक ईकोसिस्टम होगा। यहाँ वैश्विक आईटी कंपनियों के लिए अत्याधुनिक वर्कप्लेस उपलब्ध कराए जाएंगे। चूंकि लखनऊ में पहले से ही IIM लखनऊ और IIIT लखनऊ जैसे प्रतिष्ठित संस्थान मौजूद हैं, इसलिए एआई सिटी इन संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर एक ऐसा टैलेंट पूल तैयार करेगी, जिसे नौकरी के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
सस्टेनेबल और ग्रीन डेवलपमेंट
यह परियोजना 'ग्रीन और सस्टेनेबल' मॉडल पर आधारित होगी। यहाँ बिजली से लेकर कचरा प्रबंधन तक की प्रणालियाँ एआई आधारित होंगी, जो ऊर्जा की बचत और पर्यावरण संरक्षण को सुनिश्चित करेंगी। आईटी विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से न केवल डेटा साइंटिस्ट्स और इंजीनियर्स के लिए हजारों प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर अप्रत्यक्ष रोजगार के भी अपार अवसर सृजित होंगे।

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