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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लखनऊ-अयोध्या समेत इन जिलों में बढ़ सकते हैं जमीन के सर्किल रेट, योगी सरकार ने जारी किए ये निर्देश

Published: Tue, 11 Mar 2025 09:59 AM (IST)Updated: Tue, 11 Mar 2025 10:58 AM (IST)

Lucknow Circle Rate उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही लखनऊ अयोध्या और कई अन्य जिलों में जमीन के सर्किल रेट का ...और पढ़ें

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

HighLights

  1. जिन जिलों में वर्षों से नहीं हुआ पुनरीक्षण, वहां प्राथमिकता पर कार्यवाही
  2. बीते दिनों समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव दे चुके हैं निर्देश

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। योगी सरकार लखनऊ सहित कई जिलों में जल्द ही जमीनों के सर्किल रेट का पुनरीक्षण करेगी। जिन जिलों में वर्षों से सर्किल रेट का पुनरीक्षण नहीं हुआ है, वहां प्राथमिकता पर इस कार्यवाही को पूरा किया जाएगा।

एक जनवरी 2024 से अब तक प्रदेश के 37 जिलों में जमीनों के सर्किल रेट के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है जबकि कुछ जिलों में यह प्रक्रिया जारी है। वहीं अन्य जिलों में भी इसे जल्द ही शुरू किए जाने की योजना है। कई जिलों में वर्षों से जमीन के सर्किल रेट का पुनरीक्षण नहीं हो सका है।

जिन जिलों में वर्षों से पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, उनमें लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, बागपत, इटावा, कन्नौज, हापुड़, बुलंदशहर, मेरठ, महाराजगंज, कुशीनगर, अयोध्या, अम्बेडकरनगर, एटा, कासगंज, मुजफ्फरनगर, बदायूं, झांसी, जालौन, ललितपुर, संत कबीरनगर, कौशांबी व प्रयागराज प्रमुख हैं। वहीं, शामली, सहारनपुर, मीरजापुर, अलीगढ़, बांदा, हमीरपुर, आगरा, सुल्तानपुर, अमेठी व गौतमबुद्ध नगर सहित कई जिलों में फिलहाल पुनरीक्षण की प्रक्रिया जारी है।

सर्किल रेट का पुनरीक्षण न होने से किसानों को खासतौर पर नुकसान हो रहा है। सर्किल रेट का पुनरीक्षण होने के बाद कानून के अनुसार भूमि अधिग्रहण के मामलों में किसानों को उनकी जमीन का सही मूल्य मिल सकेगा।

उत्तर प्रदेश स्टांप (संपत्ति का मूल्यांकन) द्वितीय संशोधन नियमावली – 2013 नियम 4(1) के अंतर्गत जिलाधिकारी अगस्त माह में वार्षिक रूप से जिले के विभिन्न भागों में स्थित कृषि व अकृषक भूमि का न्यूनतम मूल्य प्रति हेक्टेयर/प्रति वर्गमीटर की दर निर्धारित कर सकते हैं।

आवश्यकता पड़ने पर जिलाधिकारी वर्ष के मध्य में भी सर्किल दर सूची का पुनरीक्षण कर सकते हैं। हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने जमीन के सर्किल रेट के पुनरीक्षण की कार्यवाही को तेजी से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया था।

थाना जेवर एयरपोर्ट की स्थापना को मंजूरी

गौतमबुद्धनगर में निर्माणाधीन जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट में जल्द थाने की स्थापना होगी। शासन ने थाने की स्थापना के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की समुचित सुरक्षा व्यवस्था के लिए थाने की स्थापना का निर्णय किया गया है। एयरपोर्ट परिसर में एक हजार वर्ग मीटर में थाना बनेगा। इस थाने की स्थापना के लिए निर्धारित भूमि के मानक में छूट प्रदान की गई है। गृह विभाग ने इसका शासनादेश जारी कर दिया है।

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