मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का KGMU Lucknow में मतांतरण के प्रयास व दुष्कर्म की जांच में तेजी लाने का निर्देश
Religion Conversion and Rape in KGMU: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़िता की बात गंभीरता से सुनी और मामले में कठोर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। मुख्यमं ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ-आरोपित जूनियर रेजिडेंट मीजुद्दीन नायक
जागरण संवाददाता, लखनऊ : किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में लव जिहाद मामले में अभी तक आरोपित जूनियर रेजिडेंट रमीजुद्दीन नायक की गिरफ्तारी न होने का प्रकरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में आया है। रमीजुद्दीन नायक पर मतांतरण का प्रयास और दुष्कर्म के गंभीर आरोप पर मुख्यमंत्री ने पुलिस को जांच की गति बढ़ाने का निर्देश दिया है।
केजीएमयू में मतांतरण के प्रयास व दुष्कर्म की पीड़िता ने अपने पिता के साथ बुधवार को मुख्यमंत्री से योगी आदित्यनाथ से भेंट की। पीड़िता और उनके पिता ने आरोपित जूनियर रेजिडेंट की गिरफ्तारी न होने की बात कही। इस पर मुख्यमंत्री ने पुलिस को इस मामले की जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया। साथ ही पीड़िता को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़िता की बात गंभीरता से सुनी और मामले में कठोर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकरण में जो भी दोषी है, उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी के साथ यदि अन्य लोग शामिल पाए गए तो उन सभी पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को मामले की गहन जांच करने के निर्देश दिए।
आज आ सकती है जांच रिपोर्ट
केजीएमयू के पैथोलाजी विभाग में लव जिहाद व परिसर में कथित कट्टरपंथ को बढ़ावा देने के आरोप सहित अन्य बिंदुओं की जांच कर रही समिति गुरुवार को रिपोर्ट कुलपति को सौंप सकती है। कुलपति ने मीडिया रिपोर्टों और एनएमओ के आरोपों को ध्यान में रखते हुए तथ्यों का पता लगाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सर्जरी विभाग के प्रो. केके सिंह की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया था। समिति को सात दिनों में जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए थे। छह दिन पूरे हो गए हैं। ऐसे में रिपोर्ट जल्द सौंपी जा सकती है।
एनएमओ बनाएगा केजीएमयू एंटी लव जिहाद संघर्ष समिति
राष्ट्रीय चिकित्सा संगठन (एनएमओ) महानगर इकाई के संयोजक डा. शिवम कृष्णन का कहना है केजीएमयू में लव जिहाद के आरोपित जूनियर रेजिडेंट को शह देने वाले किसी भी डाक्टर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोपित अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। यह कोई बड़ा रैकेट है, जिसके लिए एसटीएफ व एटीएस जांच की जरूरत है। पीड़िता के लिए न्याय दिलाने और आगे इस तरह के घटनाओं को रोकने के लिए एनएमओ महानगर इकाई केजीएमयू एंटी लव जेहाद संघर्ष समिति का गठन करेगी, जिसमें महिला अधिवक्ता और महिला चिकित्सक रहेंगी। देशव्यापी प्रदर्शन एवं आंदोलन किया जाएगा।
विरोध और समर्थन की 'राजनीति'
किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में लव जिहाद मामले में अभी तक आरोपित जूनियर रेजिडेंट रमीजुद्दीन नायक की गिरफ्तारी न होने के विरोध के साथ जांच समिति पर सवाल उठाने को लेकर कुछ चिकित्सक आंदोलित थे। कैंडल मार्च निकालने के बाद मंगलवार को पुतला भी फूंका गया था। अब केजीएमयू शिक्षक संघ विश्वविद्यालय प्रशासन के समर्थन में उतर आया है। विरोध और समर्थन की इस 'राजनीति' से भले ही किसी का भला हो, पर दुष्कर्म की पीड़िता जूनियर रेजिडेंट को न्याय मिलने में विलंब हो रहा है। केजीएमयू शिक्षक संघ ने बुधवार को आपात बैठक की, जिसमें लव जिहाद मामले में हो रहे धरना-प्रदर्शन और पुतला फूंकने को राजनीति से प्रेरित व छवि धूमिल करने वाला बताया गया।
संघ के महासचिव प्रो. संतोष कुमार ने कहा कि पैथोलाजी विभाग की घटना के बाद केजीएमयू प्रशासन ने तुरंत विशाखा समिति की जांच करके रिपोर्ट महिला आयोग और शासन को भेज दी। मुख्यमंत्री ने खुद ही पीड़िता से बात की है। केजीएमयू प्रशासन ने आरोपी को निलंबित करके उसके परिसर में प्रवेश पर भी पाबंदी लगा दी है। इसके बाद राष्ट्रीय चिकित्सा संगठन (एनएमओ), विश्व हिंदू परिषद आदि संगठनों की ओर से समिति पर सवाल उठाने पर उसमें बदलाव भी किया गया। अब समिति में महिला के साथ ही सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक भी शामिल हैं। जांच में साक्ष्य देने के लिए एक ईमेल भी जारी किया गया है। एनएमओ की ओर से इस मामले में कोई सामग्री प्रस्तुत नहीं की गई है।

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