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    यौन शोषण के आरोपी केजीएमयू के फरार जूनियर डॉक्टर पर 25 हजार का इनाम घोषित, लगातार बदल रहा लोकेशन

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 10:27 PM (IST)

    किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में शादी का झांसा देकर यौन शोषण, गर्भपात कराने के आरोपित जूनियर रेजिडेंट डॉ. रमीज उद्दीन नायक पर पुलिस ने 250 ...और पढ़ें

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    सांकेत‍िक तस्‍वीर।

    जागरण संवाददाता, लखनऊ। किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में शादी का झांसा देकर यौन शोषण, गर्भपात कराने के आरोपित जूनियर रेजिडेंट डॉ. रमीज उद्दीन नायक पर पुलिस ने 25000 रुपये इनाम घोषित कर दिया है। पुलिस की तीन टीमें उसकी तलाश में दबिश दे रही है, लेकिन आरोपित लगतार अपनी लोकेशन बदल रहा है। कोर्ट से आरोपित के खिलाफ गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी हो गया है। पीड़िता का मजिस्ट्रियल बयान दर्ज करा दिया है।


    इंस्पेक्टर चौक नागेश उपाध्याय के मुताबिक पीड़ित का कोर्ट में मजिस्ट्रियल बयान हो चुका है। इसके अलावा कोर्ट से आरोपित के खिलाफ गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) भी जारी कराया गया है। इंस्पेक्टर के मुताबिक आरोपित लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमें कई स्थानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस की एक टीम उसके करीबियों पर नजर रखे हुए है। आरोपित अपने किसी करीबी से संपर्क करे तो उसकी लोकेशन को ट्रेस किया जा सके।

    डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि फरार आरोपित डाक्टर के ऊपर 25000 रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया है। आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें यूपी और उत्तराखंड के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

    गौरतलब है कि पीड़ित महिला डाक्टर और आरोपित की दोस्ती जुलाई महीने में हुई थी। आरोपित ने पीड़िता को शादी करने का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया था। सितंबर महीने में पीड़िता को पता चला था कि वह गर्भवती हो गई है। आरोपित ने पीड़िता को गर्भपात करा दिया था। पीड़िता ने अक्टूबर में आरोपित पर शादी का दबाया बनाया था। नवंबर में आरोपित ने पीड़िता से मतांतरण करने का दबाव बनाया था।

    इसके बाद पीड़िता ने आरोपित से दूरियां बढ़ा लीं थी। इसके बाद धमकी देने लगा कि पीड़िता की आपत्तिजनक फोटो और वीडियो वायरल कर देगा। पीड़िता की शिकायत पर चौक पुलिस ने धोखे से शारीरिक संबंध बनाने। महिला की सहमति के बिना गर्भपात कराने। प्रतिष्ठा को क्षति पहुंचाने की धमकी के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 की धारा भी लगाई गई थीं।