Lucknow SGPGI: संस्थान में 65 डाक्टर की भर्ती को साक्षात्कार शुरू, अब इधर-उधर नहीं भटकेंगे मरीज
विभिन्न विभागों के लिए 65 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है। साक्षात्कार लिया जा रहा है। जल्द से जल्द चिकित्सकों की कमी को प ...और पढ़ें

लखनऊ, [पुलक त्रिपाठी/कुमार संजय]। कई विभागों में चिकित्सकों की कमी से मरीजों को लेकर संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान की दिक्कतें अब कम होंगी। संस्थान ने विभिन्न विभागों में चिकित्सकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सोमवार से साक्षात्कार भी शुरू हो गए हैं। संस्थान प्रशासन का दावा है कि माह भर के भीतर संस्थान को कई डाक्टर मिलेंगे, इसी के साथ डाक्टरों को दिखाने के लिए मरीजों को अपनी बारी के लिए घंटों इंतजार करने की परेशानी भी कुछ हद तक कम होगी।
बता दें कि बीते कुछ समय के दौरान कई डाक्टरों के जाने से मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं से जुड़ी संस्थान की व्यवस्था प्रभावित चल रही थी। उदाहरण के तौर पर एंडोक्राइन विभाग के प्रमुख एवं एंडोक्राइन सर्जन प्रो. अमित अग्रवाल, क्लीनिकल हिमेटोलाजी विभाग से डा. अंशुल, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग से डा.राहुल कथूरिया संस्थान छोड़ कर कारपोरेट अस्पताल चले गए।
इसके अलावा एडहाक पर तैनात नोनटोलाजिस्ट डा. आकाश पंडिता ने भी संस्थान छोड़ दिया। इन विशेषज्ञों के जाने से विभागों से संबंधित मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जो मरीज इनके फालोअप में थे, उन्हें दूसरे डाक्टर को दिखाना पड़ता। दूसरे डाक्टरों पर भी उन मरीजों के फालोअप का भार है। कई बार मरीजों को बिना डाक्टर को दिखाए ही वापस होना पड़ रहा है।
हालांकि संस्थान प्रशासन का भी दावा है कि मरीजों के इलाज पर किसी तरह का कुप्रभाव नहीं पड़ा है। नए विभाग खुल रहे हैं। हां कुछ विभागों में क्लीनिकल संकाय सदस्यों की कमी है, जिसमें क्लीनिकल हिमौटोलाजी विभाग है। बोन मैरो ट्रांसप्लांट पहले की तरह हो रहा है।
इन विभागों को मिलेंगे चिकित्सक : आपथलमोलाजी, एंडोक्रीनोलाजी, इमरजेंसी मेडिसिन, एनस्थीसियोलाजी, कार्डिलाजी,काडिर्यो वास्कुलर एंड थैरोसिस सर्जरी, क्रिटिकल केयर मेडिसिन, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन, न्यूक्लियर मेडिसिन,न्यूरोसर्जरी,नेफ्रोलाजी, प्लास्टिक सर्जरी एंड बर्न, पीडियाट्रिक सर्जिकल सुपर स्पेशिलिटीज, पैथालाजी, फिजिकल मेडिसिन एवं रिहेबिलिटेशन, बायोस्टैटिसटिक्स एंड हेल्थ इंफारमेटिक्स, माइक्राबायलोजी, मालीक्यूलर मेडिसिन एंड बायोटेक्नोलाजी, मेडिकल गैसट्रोएंट्रोलाजी, यूरोलाजी, रेडियो डायगनोसिस, रेडियोथेरेपी, स्टेम सेल रिसर्च सेंटर, हास्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन।
हमने विभिन्न विभागों के लिए 65 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है। साक्षात्कार लिया जा रहा है। जल्द से जल्द हम चिकित्सकों की कमी को पूरा कर लेंगे। साथ ही अन्य गतिविधियों को भी शुरू करेंगे। मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। - प्रो आके धीमन, निदेशक, एसजीपीजीआइ

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