Indian Road Congress: सड़क व फुटपाथ के बीच विकसित किये जाएं मल्टी युटिलिटी जोन, भारतीय सड़क कांग्रेस में वकालत
Indian Road Congress नोएडा प्राधिकरण की कंसल्टेंट नीलिमा राणा ने कहा कि शहरों में जगह-जगह सड़कों के किनारे फुटपाथ गायब हैं। यदि फुटपाथ हैं भी तो उनका ...और पढ़ें
UP News: लखनऊ, राज्य ब्यूरो। शहरों की सड़कों पर वाहनों के बढ़ते दबाव और फुटपाथ रूपी उनकी पटरियों पर अतिक्रमण और अवरोधों ने पैदल यात्रियों को जोखिम में डाल दिया है। पैदल यात्रियों के आवागमन को सुरक्षित बनाने के लिए सड़कों और उनके फुटपाथ के नियोजन और निर्माण में कुछ आवश्यक बदलाव करने की जरूरत है। रविवार को भारतीय सड़क कांग्रेस (Indian Road Congress) के 81वें अधिवेशन में उत्तर प्रदेश पर केंद्रित विशेष सत्र में सड़कों को पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित बनाने की वकालत की गई।
सड़कों के किनारे फुटपाथ हो रहे गायब
नोएडा प्राधिकरण की कंसल्टेंट नीलिमा राणा ने कहा कि शहरों में जगह-जगह सड़कों के किनारे फुटपाथ गायब हैं। यदि फुटपाथ हैं भी तो उनका इस्तेमाल वाहनों की पार्किंग के लिए, गुमटी दुकानदारों द्वारा या फिर साइनेज, स्ट्रीट लाइट के पोल लगाने या बिजली के ट्रांसफार्मर रखने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने इस संदर्भ में नोएडा में पायलट परियोजना के तहत किये जा रहे प्रयोगों और सुधार कार्यों की जानकारी दी। प्रस्तुतीकरण के माध्यम से उन्होंने बताया कि नोएडा में मास्टर प्लान-3 सड़क को शशि चौक से सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन तक पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित और फ्रेंडली बनाने के लिए काम किया जा रहा है।
मुख्य सड़कों पर साइकिल या रिक्शा पर लगे रोक
नीलिमा राणा ने कहा कि मुख्य सड़कों पर वाहनों के साथ साइकिल या साइकिल रिक्शा चलाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। भारतीय सड़क कांग्रेस के नियम कहते हैं कि यदि किसी सड़क पर वाहनों के साथ साइकिल भी चले तो दोनों की खातिर सड़क का लेवल अलग-अलग होना चाहिए। पैदल यात्रियों, खासकर दिव्यांगों और वृद्धजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए फुटपाथ के किनारे लगाए जाने वाले कर्व स्टोन की ऊंचाई किसी भी कीमत पर सड़क की सतह से छह इंच से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
फुटपाथ पूरी तरह अतिक्रमण से हों मुक्त
फुटपाथ पूरी तरह अवरोधों और अतिक्रमण से मुक्त हों, इसके लिए स्ट्रीट लाइट के पोल, लेटर बाक्स, साइनेज, फुटपाथ पर लगाई जाने वाली लोहे या सीमेंट की बेंच आदि के लिए मुख्य सड़क और फुटपाथ के बीच पट्टी के रूप में मल्टी युटिलिटी जोन विकसित कर इन्हें उसमें स्थापित किया जाना चाहिए। इससे फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए पूरी तरह सुलभ होंगे। वहीं सड़क और फुटपाथ के बीच एक बफर जोन भी बन जाएगा। मुख्य सड़क की चौड़ाई के हिसाब से मल्टी युटिलिटी जोन की चौड़ाई दो फीट से दो मीटर तक होनी चाहिए।
सड़क किनारे ग्रीन बेल्ट का वाटर रीचार्ज में हो प्रयोग
उन्होंने कहा कि वर्षा होने पर प्राय: फुटपाथ और सड़कों पर जलभराव हो जाता है। इसकी एक वजह यह भी है कि सड़कों के किनारे विकसित की गईं ग्रीन बेल्ट की चहारदीवारी इतनी ऊंची होती है कि सड़क पर जमा पानी इन हरे-भरे क्षेत्रों में दाखिल नहीं हो पाता और धीरे-धीरे नालियों से बहता है। उन्होंने सड़कों के किनारे की ग्रीन बेल्ट को भूजल को रीचार्ज करने के लिए इस्तेमाल करने का सुझाव दिया है।

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