Muzaffarnagar School Case: मुजफ्फरनगर थप्पड़ कांड में अखिलेश बोले- शिक्षिका से बच्चे के पिता को बंधवाएं राखी
Muzaffarnagar School Case मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव खुब्बापुर के एक प्राइवेट स्कूल का वीडियो शुक्रवार को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ था। उसमें शिक्षिका सामने कुर्सी पर बैठी है और एक छात्र को अन्य छात्रों से थप्पड़ लगवाए जा रहे हैं। इस मामले में अब सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि शिक्षिका से बच्चे के पिता को राखी बंधवानी चाहिए।

लखनऊ, राज्य ब्यूरो। मुजफ्फरनगर के निजी स्कूल में शिक्षिका द्वारा एक छात्र को दूसरे विद्यार्थियों से थप्पड़ लगवाने के मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट कर बच्चों के गले मिलने का वीडियो साझा कर कहा कि बच्चों का गले मिलना एक सकारात्मक संदेश है। क्योंकि प्रेम का पाठ पढ़ाने से ही सच्चा हिंदुस्तान बरकरार रहेगा।
अब इससे एक कदम आगे बढ़कर मेलमिलाप कराने वालों को उस शिक्षिका से बच्चे के पिता को राखी भी बंधवानी चाहिए। क्योंकि समस्या की असली जड़ बच्चों के बीच दुराव की नहीं है, बल्कि उस शिक्षिका के हृदय में दुष्प्रचार से जन्मायी गई घृणा की है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक संस्कृति का निर्माण भी कर सकता है और विनाश भी। सच्चा शिक्षक दूसरों की गलती का ही नहीं अपनी गलती का भी सुधार करता है।
देश को सिविल वार की ओर ले जा रही भाजपा- एसटी हसन
सपा सांसद और पार्टी के संसदीय दल नेता डा. एसटी हसन ने कहा कि मुजफ्फरनगर के प्राइवेट स्कूल में शिक्षिका द्वारा मुस्लिम छात्र की पिटाई कराने के वीडियो ने हमारे देश को दुनिया में शर्मसार कर दिया। यह भाजपा की नफरत की राजनीति का ही नतीजा है। शिक्षिका ने मुस्लिम बच्चे की इसलिए पिटाई कराई कि वह मुसलमान था।
कुर्सी की खातिर भाजपा के नेता देश में नफरत से बीज होने का काम कर रही है। भाजपा धर्म के नाम पर राजनीति करती रही तो देश सिविल वार की तरफ चला जाएगा। कहा, शिक्षिका ही नहीं ऐसे स्कूल को ही बुलडोजर से ध्वस्त कराया जाना चाहिए।
समाज में जहर घोलने जैसा कृत्य
पसमांदा मुस्लिम समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मंत्री अनीस मंसूरी ने भी इस घटना पर रोष जताया है। मंसूरी ने राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग और राज्य अल्पसंख्यक आयोग को पत्र लिख कर घटना को संज्ञान में लेकर त्वरित कार्यवाही करने की मांग की। साथ ही शिक्षा विभाग से स्कूल की मान्यता की जांच की मांग की है। मंसूरी ने कहा कि यह कृत्य समाज में जहर घोलने जैसा है, इसको कोई भी सभ्य समाज बर्दाश्त नहीं करेगा।
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