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    Lucknow: देसी विदेशी मेहमानों की मेजबानी करेगा आवास विकास परिषद, लखनऊ में बनेगा वीवीआइपी गेस्ट हाउस

    By Jagran NewsEdited By: Vrinda Srivastava
    Updated: Fri, 07 Oct 2022 09:47 AM (IST)

    अब आवास विकास परिषद लखनऊ में देसी विदेशी मेहमानों के लिए पचास एकड़ में वीवीआइपी गेस्ट हाउस बनाने जा रहा है। इसकी तैयारी पूरी कर कर ली गई है। अवध शिल्प ...और पढ़ें

    देसी विदेशी मेहमानों के लिए आवास विकास परिषद लखनऊ में बनाएगा वीवीआइपी गेस्ट हाउस।

    लखनऊ, जागरण संवाददाता। आवास विकास परिषद शहीद पथ स्थित अवध शिल्प ग्राम के पीछे देशी व विदेशी मेहमानों की मेजबानी के लिए अब पंद्रह नहीं पचास एकड़ में सभागार व होटल बनाएगा। दस हजार से अधिक क्षमता का वातानुकूलित सभागार बनाने की योजना है। उद्देश्य होगा कि एक छत के नीचे मंच पर विराजमान शख्स अपनी बात हाल में उपस्थित हर शख्स तक पहुंचा सके और उससे सीधा मुखातिब भी हो सके। इसलिए हर सीट पर भाषा परिवर्तन उपकरण भी लगाए जाएंगे, जिससे हिंदी से अंग्रेजी व अंग्रेजी से हिंदी में भाषा परिवर्तन की सुविधा हो।

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    पचास एकड़ परिसर में सार्वजनिक निजी साझेदारी पीपीपी पर बजट होटल आधा दर्जन से अधिक संख्या में बनाए जाएंगे। इन बजट व कुछ पांच सितारा होटल में वीवीआइपी रुक सकेंगे। कई लाख वर्ग फीट जगह खाली भी छोड़ी जाएगी। आवश्यकता पड़ने या लोगों की भीड़ लाखों में होने पर खुले मैदान में संबोधित किया जा सके। यहां आने वाले लोगों के लिए भूमिगत चार पहिया वाहनों की पार्किंग बनाई जाएगी। इसकी क्षमता करीब तीन हजार के आसपास होगी। 

    परिषद सरकारी कर्मियों व अफसरों को रुकने के लिए कुछ अतिथि गृह भी बनाएगा। यह अतिथि गृह ऐसे होंगे, जिनके बगल में वीवीआइपी अतिथि गृह बन सके। इनकी क्षमता सीमित होगी। यही नहीं शहीद पथ से सीधे कनेक्ट होने के साथ ही चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। इसके अलावा दो हैलीपेड भी प्रस्तावित हैं। दिल्ली व अन्य स्थानों से आने वाली वीवीआइपी सीधे गंतव्य तक जिससे पहुंच सके। अफसरों के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर हैलीपैड की संख्या को अस्थाई तौर पर बढ़ाया भी जा सकेगा।

    कई प्रवेश द्वार होंगे

    पचास एकड़ परिसर में जाने के लिए कम से कम चार गेट होंगे। इनमें एक गेट वीवीआइपी का होगा। इसके अलावा गेट नंबर एक आम लोगों के लिए बनाया जाएगा। गेट नंबर दो माननीय व तीन से अफसराें व कर्मियों का आवागमन होगा। यही नहीं जरूरत पड़ने पर इनमें परिवर्तन भी हो सकेगा।