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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गुरु गोरखनाथ की तपोस्थली गोरखगिरी पहाड़ी बनेगा पर्यटन केंद्र, 25 करोड़ की लागत से होगा सुंदरीकरण

By Jagran NewsEdited By: Sakshi Gupta
Published: Tue, 15 Apr 2025 07:55 PM (IST)

उत्तर प्रदेश के महोबा में स्थित गुरु गोरखनाथ (Guru Gorakhnath) की तपोस्थली गोरखगिरि पहाड़ी (Gorakhgiri Pahari) को केंद्र सरकार धार्मिक ...और पढ़ें

गुरु गोरखनाथ की तपोस्थली का पर्यटन विकास करेगी भारत सरकार। (तस्वीर जागरण)
गुरु गोरखनाथ की तपोस्थली का पर्यटन विकास करेगी भारत सरकार। (तस्वीर जागरण)

HighLights

  1. गुरु गोरखनाथ की तपोस्थली का पर्यटन विकास करेगी भारत सरकार
  2. चैलेंज बेस्ट डेस्टिनेशन डेवलपमेंट के हेरिटेज सर्किट में किया चयन
  3. 25 करोड़ रुपये से होंगे सुंदरीकरण और पर्यटक सुविधा संबंधी कार्य

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। गुरु गोरखनाथ की महोबा स्थित तपोस्थली गोरखगिरि पहाड़ी को धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने की कोशिश शुरू हो गई है। इस स्थल और आसपास के क्षेत्र में केंद्र सरकार पर्यटन विकास कराएगी।

केंद्र ने अपनी स्वदेश दर्शन योजना- 2.0 के तहत चैलेंज बेस्ट डेस्टिनेशन डेवलपमेंट के हेरिटेज सर्किट में इसका चयन किया है। योजना के तहत 25 करोड़ रुपये की लागत से सुंदरीकरण और पर्यटक सुविधा संबंधी कार्य कराए जाएंगे।

यहांं स्थित है प्राचीन सूर्य मंदिर

गोरखगिरि पहाड़ी संत गुरु गोरखनाथजी की तपोभूमि रही है। यहीं वह अपने शिष्यों के साथ रहते थे। यह पहाड़ी अपनी विशिष्ट ग्रेनाइट चट्टान संरचनाओं के लिए जानी जाती है और यहां प्राचीन सूर्य मंदिर स्थित है। कई गुफाए, झरने और कीरत सागर झील भी आकर्षण है।

पर्यटन विभाग ने पूर्व में अन्य स्थलों के साथ यहां का प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा था। जिसे स्वीकृति मिल गई है। गोरखगिरि पहाड़ी को जाने वाले रास्ते पर आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, बेंचेज, साइनेज आदि लगाए जाएंगे। प्रवेश द्वार, म्यूरल वाल के साथ एक पार्क भी विकसित किया जाएगा। वहीं सूर्य मंदिर के पास एक सूर्य इंटरप्रिटेशन सेंटर का निर्माण किया जाएगा।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि महोबा में पर्यटन विकास के कार्य होने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आमद में बढ़ोतरी होगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

गोरखतलैया सहित 10 स्थलों का होगा पर्यटन विकास

पर्यटन विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए जनपद गोरखपुर में पर्यटन विकास एवं अवस्थापना सुविधाओं के उच्चीकरण के लिए 87.29 करोड़ रूपये की 10 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। राज्य सेक्टर के तहत गोरखपुर के गोरखतलैया, कबीर भूमि और परमहंस योगानंदजी की जन्मस्थली का पर्यटन विकास किया जाएगा।

जिला योजना में जेल रोड स्थित शिव मंदिर का सुंदरीकरण व पर्यटन विकास के कार्य कराए जाएंगे। वहीं मुख्यमंत्री पर्यटन विकास सहभागिता योजना के तहत महादेवा शिव मंदिर, ब्रह्मपुर स्थित प्राचीन काली माता जी मंदिर, गगहा स्थित जय मां करवल देई, समय स्थान मंदिर तहसील गोला गोरखपुर, कैम्पियरगंज स्थित झारखंडी महादेव मंदिर, खोराबार स्थित प्राचीन शिव मंदिर का पर्यटन विकास कराया जाएगा।

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