1497 पुल तैयार... गंगा एक्सप्रेस-वे को लेकर अब तक का सबसे बड़ा अपडेट, निर्माण पूरा होने की डेट फाइनल
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने पीएमजी बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण 15 फरवरी तक पूरा करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने यूपीडा अ ...और पढ़ें
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण 15 फरवरी तक पूरा होगा। एक्सप्रेसवे के 1497 ढांचों (फ्लाई ओवर, आरओबी व बड़े पुल) का काम पूरा किया जा चुका है। 10.5 किलोमीटर कैरिज वे और 183.38 किलोमीटर सर्विस लेन का काम अभी किया जाना है। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के अधिकारियों को लंबित काम जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।
गुुरुवार को लोकभवन में प्रोजेक्ट मानीटरिंग ग्रुप (पीएमजी) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने रक्षा औद्योगिक गलियारा, बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा), मेडिकल डिवाइस पार्क-गौतमबुद्ध नगर तथा ललितपुर के फार्मा पार्क परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन निवेशकों को भूमि आवंटित की गई है, उनके साथ बैठक कर जल्द से जल्द संबंधित इकाईयों का संचालन शुरू कराया जाए। साथ ही कहा कि निवेशकों को वही भूमि आवंटित की जाए, जिसके अधिग्रहण की सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
मुख्य सचिव ने रक्षा औद्योगिक गलियारा तथा बीडा के लिए शेष भूमि के अधिग्रहण में तेजी लाने का निर्देश दिए। उन्होंने बीडा महायोजना-2045 में जोनल एवं सेक्टर प्लानिंग का कार्य 31 मार्च 2025 से पहले पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ललितपुर फार्मा पार्क परियोजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने विकास कार्यों को निर्धारित मानक एवं गुणवत्ता के साथ समयावधि में पूर्ण कराने को कहा है।
अधिकारियों ने बताया कि रक्षा औद्योगिक गलियारे के लिए 5136.31 हेक्टेयर भूमि के सापेक्ष 4304.78 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूर्ण हो चुका है। 62 उद्योगों को भूमि आवंटित की जा चुकी है तथा 113 उद्योगों के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। वहीं मेडिकल डिवाइस पार्क-गौतमबुद्ध नगर में 350 एकड़ के सापेक्ष 300 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है।
पहले चरण के अंतर्गत पैकेज-1 में सड़कें, जल निकासी, बिजली, पेयजल, पार्किंग, लैंडस्केपिंग, सोलर पैनल व प्रशासनिक भवन सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। परियोजना के इस पैकेज का कार्य 26 सितंबर तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बैठक में प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार, सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास प्रांजल यादव सहित संबंधित प्राधिकरणों के अधिकारीगण भौतिक रूप से एवं वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित थे।

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