लखनऊ, जागरण संवाददाता। ArrestLucknowGirl: वह बेकसूर था। पुलिस भी इस बात से वाकिफ थी, लेकिन अपनी हरकतों से बाज नहीं आई। बीच सड़क तमाचे खाए। देश भर में वीडियो वायरल हुआ। पुलिस ने रात भर थाने में बिठाया। रात भी भूखा रखा और शांति भंग में चालान कर दिया। हद तो तब हो गई जब पुलिसकर्मियों ने पीड़ित चालक से गाड़ी छोडऩे के एवज में 10 हजार रुपये भी वसूल लिए। सीसीटीवी फुटेज में कैब चालक बेकसूर दिखा। फजीहत हुई तो पुलिस हरकत में आई और आरोपित युवती प्रियदर्शिनी नारायण उर्फ लक्ष्मी के खिलाफ लूट और तोडफ़ोड़ की धारा में एफआइआर दर्ज की गई। यह मामला कहीं और का नहीं, बल्कि लखनऊ के कृष्णानगर का है। वहीं, कैब चालक को चौराहे पर लगातार तमाचे जड़ने वाली प्रियदर्शिनी के खिलाफ सोमवार को लोगों ने ट्विटर पर अभियान छेड़ दिया। हैशटैग के साथ अरेस्ट लखनऊ गर्ल ट्रेंड करने लगा। इसके बाद लखनऊ पुलिस की नींद टूटी और आनन-फानन एफआइआर दर्ज की गई।

सोमवार रात तक दो लाख 23 हजार लोगों ने चलाया हैशटैग

सोमवार देर रात तक दो लाख 23 हजार लोगों ने हैशटैग का समर्थन किया। उधर, युवती ने फेसबुक पर कई पोस्ट डाले और बीचबचाव करने वाले युवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सोमवार शाम को भारत में यह अरेस्ट लखनऊ गर्ल सबसे ज्यादा ट्रेंड कर रहा था। लोग इंटरनेट मीडिया पर युवती के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कई राजनीतिक दल के नेता भी इस हैशटैग का समर्थन कर रहे हैं।

बाराबिरवा चौराहे पर शुक्रवार रात केसरी खेड़ा कॉलोनी निवासी प्रियदर्शिनी नारायण उर्फ लक्ष्मी ने सिटी स्टेशन के पास रहने वाले कैब चालक सआदत अली सिद्दीकी पर सरेआम तमाचे जड़ दिए थे। लक्ष्मी ने एक-दो नहीं, बल्कि काफी देर तक बीच सड़क सआदत को कई तमाचे जड़े थे। पुलिस ने लक्ष्मी पर कार्रवाई के बजाय उल्टा सआदत को कोतवाली में बंद कर दिया था। यही नहीं पैरवी करने आए सआदत के भाइयों को भी पुलिसकर्मियों ने चालान कर दिया। युवती का आरोप था कि सआदत ने उसे कार से टक्कर मारी थी। हालांकि, सोमवार को चौराहे पर लगे सीसी कैमरे का फुटेज देखा गया तो सआदत बेकसूर साबित हुआ। फुटेज में स्पष्ट दिख रहा है कि युवती को सआदत ने टक्कर नहीं मारी थी। बावजूद इसके वह सआदत को कार से खींचकर उसकी पिटाई करती है और उसका मोबाइल फोन तोड़ देती है।

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तीन दिन बाद एफआइआर, इंस्पेक्टर का खेल उजागर : सआदत की तहरीर पर कृष्णानगर पुलिस ने सोमवार शाम को एफआइआर दर्ज की। पीडि़त ने कृष्णानगर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सआदत का कहना है कि शुक्रवार रात में उसने लाल बत्ती होने पर जेब्रा क्रॉसिंग के पहले ही कार रोक दी थी। तभी युवती उसके पास आई और हमलावर हो गई। युवती ने कार का साइड वाला शीशा भी तोड़ दिया और गाड़ी में रखे छह सौ रुपये छीन लिए। करीब 10 मिनट तक युवती ने सआदत पर लगातार हमला किया। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने वीडियो बना ली। कृष्णानगर पुलिस वहां पहुंची और युवती के खिलाफ कार्रवाई के बजाय सआदत को लॉकअप में बंद कर दिया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने सआदत को न खाना दिया न पानी। देर रात करीब एक बजे सआदत के भाई इनायत अली और दाऊद गाड़ी के लोकेशन के आधार पर कोतवाली पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें भी लॉकअप में डाल दिया। खास बात यह है कि सआदत के दोनों भाई घटना के समय वहां मौजूद भी नहीं थे। सआदत ने रविवार को पुलिस आयुक्त को लक्ष्मी के खिलाफ तहरीर दी, जिसके बाद सोमवार को उसकी रिपोर्ट लिखी गई। इस पूरे प्रकरण में इंस्पेक्टर कृष्णानगर और उनके मातहतों की लापरवाही उजागर हुई है। हालांकि, अभी तक किसी भी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है।

गाड़ी छोड़ने के लिए 10 हजार वसूले : सआदत का आरोप है कि रविवार को वह कृष्णानगर कोतवाली पहुंचा और पुलिसकर्मियों से गाड़ी छोडऩे के लिए कहा। इसपर पुलिसकर्मी रिश्वत की मांग करने लगे। सआदत ने 10 हजार रुपये पुलिसकर्मियों को दिए, जिसके बाद उसे गाड़ी वापस की गई। पीड़ित ने पूरे मामले की जांच किसी दूसरे थाने या अधिकारी से कराने की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि पहले लक्ष्मी ने और उसके बाद पुलिसकर्मियों ने दुर्व्यवहार किया, जिससे वह मानसिक तनाव में है। सआदत ने पुलिसकर्मियों व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पर्दा डालते रहे इंस्पेक्टर : दरअसल, युवक की पिटाई का वीडियो जब वायरल हुआ तो इंस्पेक्टर ने सआदत अली को एक्सयूवी कार का चालक बताया। इंस्पेक्टर ने बिना छानबीन किए कहा कि एक्सयूवी की टक्कर लगने पर युवती ने चालक को पीटा था उसी आधार पर कार्रवाई की गई। बाद में मामला उजागर हुआ तो आनन-फानन लक्ष्मी के खिलाफ 107/16 की कार्रवाई कर पल्ला झाड़ लिया।

Edited By: Anurag Gupta