विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Kharif Season: यूपी के जिलाधिकारों के लिए ऊपर से आ गया नया फरमान, अब नहीं होगी खाद की मारामारी!

By Jagran NewsEdited By: Aysha Sheikh
Published: Wed, 18 Jun 2025 08:12 PM (IST)

कृषि विभाग ने खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता का दावा किया है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ...और पढ़ें

नहीं होगी खाद को मारामारी, उवर्रकों के पूरे इंतजाम का दावा
नहीं होगी खाद को मारामारी, उवर्रकों के पूरे इंतजाम का दावा

HighLights

  1. उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता का दावा |
  2. कालाबाजारी रोकने के सख्त निर्देश |
  3. आवश्यकतानुसार उर्वरक खरीदने की अपील |

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। खरीफ सीजन में किसानों को खाद की किल्लत की समस्या का सामना शायद न करना पड़े। कृषि विभाग ने उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता का दावा किया है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा है कि प्रदेश में खरीफ के लिए 15.96 लाख टन यू्रिया और 5.86 लाख टन फास्फेटिक (डीएपी-एनपीके) खाद का स्टाक है।

उन्होंने सभी डीएम को उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय सीमावर्ती जिलों में आपूर्ति की निगरानी भी की जा रही है।

कृषि मंत्री ने कहा है कि प्रदेश सरकार किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है। उर्वरकों की कालाबाजारी, ओवर रेटिंग, टैगिंग और अवैध उपयोग पर सख्त निगरानी की जा रही है। डीएम को कालाबाजारी और टीजीयू (टेक्निकल ग्रेड यूरिया) का दुरुपयोग रोकने केा लगातार छापेमारी के निर्देश दिए गए हैं।

अनुदानित नीम कोटेड यूरिया के दुरुपयोग पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। यदि किसी उर्वरक विक्रेता द्वारा मुख्य उर्वरक के साथ अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग की जाती है तो किसान, जिले के कंट्रोल रूम में या किसान मुख्यालय स्थित उर्वरक नियंत्रण कक्ष (फोन नं. 0522-2209650) में शिकायत दर्ज कराएं।

वर्तमान में भारत यूरिया या भारत डीएपी जैसे नामों से अलग-अलग कंपनियों के उत्पाद उपलब्ध हैं, जिनकी गुणवत्ता समान है। ऐसे में किसान किसी एक ब्रांड को लेकर भ्रमित न हों। किसानों से केवल वर्तमान में फसलों की आवश्यकता के लिए ही उर्वरक क्रय करने की अपील भी की गई है।

उर्वरक की उपलब्धता (टन में)

मंडल यूरिया (टन में) फास्फेटिक (टन में)
सहारनपुर 24,453 11,487
मेरठ 74,744 24,264
आगरा 97,102 23,896
अलीगढ़ 95,189 28,405
बरेली 1,28,030 48,277
मुरादाबाद 94,602 43,886
कानपुर 1,27,581 56,856
प्रयागराज 1,26,017 50,708
झांसी 22,884 22,957
चित्रकूटधाम(बांदा) 23,934 8,863
वाराणसी 93,618 32,843
मीरजापुर 33,299 19,910
आजमगढ़ 78,788 28,546
गोरखपुर 1,05,728 34,434
बस्ती 81,647 16,648
देवीपाटन(गोंडा) 87,113 24,727
लखनऊ 1,75,383 67,398
अयोध्या 1,26,336 42,175
कुल 15,96,446 5,86,278