सड़क पर कब्जे के मामले में धनंजय सिंह समेत इन लोगों को जारी होगा नोटिस, सोसाइटी के अन्य प्लॉटों की भी पैमाइश कराएगी पुलिस
अहिमामऊ स्थित स्वास्तिका सिटी में सड़क पर कब्जे के मामले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह और विनय सिंह समेत अन्य को पुलिस नोटिस जारी करेगी। उनके बयान दर्ज ह ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, लखनऊ। अहिमामऊ स्थित स्वास्तिका सिटी में सड़क कब्जा करने के मामले में पुलिस पूर्व सांसद धनंजय सिंह और ब्लाक प्रमुख के पति विनय सिंह समेत अन्य को नोटिस जारी करेगी। उनके बयान दर्ज करने के बाद, सोसाइटी के अन्य प्लाटों की भी पैमाइश पुलिस कराएगी। साथ ही लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) से भी संपर्क किया है, जिससे कब्जेदारों के बारे में और जानकारी मिल सके। फिलहाल पुलिस धनंजय सिंह की भूमिका की जांच कर रही है।
इसके लिए विनय सिंह की काल डिटेल्स निकाली जा रही है। विनय सिंह के गनर के बारे में भी जांच की जा रही है। इस संबंध में जौनपुर जिला प्रशासन और पुलिस को पत्रचार किया गया है। पता लगाया जा रहा है कि विनय सिंह जो गनर लेकर चल रहे थे वह उनकी पत्नी का है या उन्हें मिला है। स्वास्तिका सिटी सोसाइटी के लोगों में दहशत देखकर वहां पुलिस लगातार गश्त कर रही है। दीवार का निर्माण कार्य बंद है। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) दक्षिणी निपुण अग्रवाल ने बताया कि घटना से जुड़े हर पहलू पर जांच की जा रही है।
साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई
साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सुशांत गोल्फ सिटी थाने में बुधवार को धनंजय सिंह, उनके करीबी विनय सिंह, गनर और दस अन्य लोगों पर जमीन पर कब्जे के विवाद में मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा स्वास्तिका सिटी में रहने वाले कौशल तिवारी ने दर्ज कराया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि पूर्व सांसद के करीबी विनय सिंह आदि ने जमीन पर कब्जा करने के लिए दीवार खड़ी कर रास्ता रोक दिया।
इससे नाराज सोसाइटी के लोगों ने दीवार गिरा दी तो विनय सिंह, उनके गनर और साथियों ने असलहे तान कर सोसाइटी के लोगों को धमकी दी। पीड़ित शिकायत लेकर थाने पहुंचे तो आरोपितों के दबाव में इंस्पेक्टर सुशांत गोल्फ सिटी उपेंद्र सिंह ने उल्टा उन्हीं पर मुकदमा दर्ज कर लिया। एकपक्षीय कार्रवाई से आहत पीड़ित पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र सेंगर के पास पहुंचे। उन्होंने प्राथमिक जांच के आधार पर इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया था।
सरकारी अभिलेखों में नहीं है सड़क : सूत्रों ने बताया कि लेखपाल ने जो रिपोर्ट डीएम को भेजी है, उसमें सड़क अभिलेखों में नहीं दर्ज है। चूंकि 20 वर्षों से लोग सड़क के रूप में उसका इस्तेमाल कर रहे हैं, इसलिए उस स्थान को उसी स्थिति में रहने देना चाहिए था। इस मामले में जो विवाद हुआ है, उसके तहत पुलिस धारा 133 के तहत कार्रवाई कर सकती है।

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