कफ सीरप मामले में शिकंजा कसने के लिए गैंग चार्ट तैयार करेगी ATF, आरोपितों पर लगेगा गैंगस्टर एक्ट
एसटीएफ कफ सीरप मामले में आरोपितों पर उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप अधिनियम के तहत कार्रवाई की तैयारी कर रही है। इसके लिए गैंग चार्ट ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। कफ सीरप मामले की जांच कर रही स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने आरोपितों पर उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप अधिनियम, 1986 के तहत कार्रवाई करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए एसटीएफ गैंग चार्ट तैयार कर रही है। गैंग चार्ट में आरोपितों के गिरोह और उससे संबंधित सदस्यों की सारी जानकारी दर्ज की जाएगी। इससे अदालत में मामले की पैरवी के दौरान पुलिस मजबूती से अपना पक्ष रख सकेगी।डीजीपी राजीव कृष्ण ने बीते दिनों गैंग चार्ट तैयार करने के संदर्भ में पुलिसकर्मियों को निर्देश जारी किए थे।
गैंग चार्ट तैयार करते समय प्रत्येक अभिलेख की क्रम संख्या, केस डायरी और रोजाना की कार्यवाही की संक्षिप्त जानकारी, विवेचना के दौरान संकलित अभिलेखों का विवरण, विवेचना अधिकारी द्वारा की गई कार्यवाही का विवरण देना जरूरी होगा। साथ ही, आरोपितों को जारी नोटिस का विवरण, आरोपितों का पूर्व आपराधिक इतिहास, गिरोह के सदस्य किस प्रकार के अपराध में लिप्त थे, जैसी जानकारियां दी जाएंगी।
पुलिस कमिश्नर या जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति जरूरी
गैंग चार्ट में आरोपितों का नाम शामिल करने से पहले पुलिस कमिश्नर या जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति जरूरी होगी। गैंग चार्ट तैयार करने को लेकर जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में संबंधित अधिकारी बैठक करके आरोपितों के नाम तय करेंगे।कफ सीरप मामले में फिलहाल मुख्य आरोपित शुभम जायसवाल फरार है।
एसटीएफ शुभम के करीबी अमित सिंह टाटा और आलोक सिंह सहित अन्य गिरफ्तार आरोपितों से काफी जानकारी उगलवा चुकी है, लेकिन सिंडिकेट की पूरी कड़ियां अभी तक जुड़ नहीं पाई हैं। नतीजतन मामले की जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है। इसीलिए एसटीएफ अब अदालत में मजबूत पैरवी के लिए अभी तक के साक्ष्यों के आधार पर गैंग चार्ट तैयार कर रही है।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।