यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Coronavirus: यूपी में 6 मामलों की पुष्टि के बाद योगी सरकार अलर्ट, 12 देशों से आने वालों पर विशेष नजर
कोरोना वायरस से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी या समस्या के समाधान लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 1800-180-5145 पर संपर्क किया जा सकता है।

लखनऊ, जेएनएन। किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) की लैब में आगरा के छह लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि के बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार सतर्क हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों व मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को विशेष सर्तकता बरतने और अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इससे बचाव के लिए जरूरी सभी उपाए किए जाएं और लोगों को इलाज के लिए बेहतर सुविधाएं दी जाएं।
यूपी के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कोरोना वायरस से बचाव व प्रभावी नियंत्रण के लिए 23 सदस्यीय राज्य स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। आउटब्रेक रिस्पांस के लिए गठित इस कमेटी की मंगलवार को आपात बैठक हुई और अब तक उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई। यूपी सरकार ने 12 देशों से आने वाले लोगों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया है। इनमें चीन, हांगकांग, सिंगापुर, थाईलैंड, साउथ कोरिया, जापान, मलेशिया, इंडोनेशिया, वियतनाम, नेपाल, इटली और ईरान शामिल हैं। यहां से आने वालों को 28 दिन होम आइसोलेशन में ही रहना होगा। वहीं लोगों को इटली, ईरान, सिंगापुर और कोरिया न जाने की हिदायत दी गई है।
स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह ने बताया कि अभी तक चीन सहित कोरोना वायरस से संक्रमित देशों से यात्रा कर लौटे करीब 2698 यात्रियों को चिह्नित किया गया है। इसमें से 1570 संदिग्ध मरीजों ने 28 दिनों तक होम आइसोलेशन (पूरी सर्तकता के साथ घर पर) में रखे जाने की मियाद पूरी कर ली है और वे पूरी तरह स्वस्थ हैं। वहीं 633 अन्य लोगों को मंगलवार को चिह्नित कर 28 दिनों के लिए होम आइसोलेशन पर रखने का फैसला लिया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश में अभी तक विशेष रूप से संदिग्ध मिले 137 मरीजों के सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे जा चुके हैं और इसमें से 109 मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। 22 मरीजों की रिपोर्ट आनी बाकी है। दूसरी ओर मंगलवार को 17 संदिग्ध मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
यूपी की सीमाओं 9.52 लाख की हुई स्क्रीनिंग
कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए यूपी की सीमाओं पर पर्याप्त चौकसी बरती जा रही है। अभी तक 9.52 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई और उसके बाद उन्हें यूपी में प्रवेश दिया गया।
मेडिकल कॉलेज व अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड
चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने सभी चिकित्सा विश्वविद्यालय, चिकित्सा संस्थानों, राजकीय व स्वशासी मेडिकल कॉलेजों में एक-एक आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। हर वार्ड में कम से कम दस बेड हैं। इन वार्ड में कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों के इलाज के लिए आक्सीजन, वेंटीलेटर व आवश्यक उपकरण मौजूद हैं। जीवन रक्षक प्रणालियों से सुसज्जित एंबुलेंस भी उपलब्ध करा दी गई हैं।
बाहर से आने वालों के परिजनों के लिए विशेष एहतियात
स्वास्थ्य विभाग ने चीन सहित 12 देशों से आने वाले लोगों के परिजनों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैैं। परिवार वालों को मास्क लगाने, हाथ साफ तरीके से धुलने के की सलाह दी गई है। इन देशों की यात्रा से लौटे लोगों को अगर बुखार, कफ, सर्दी या सांस लेने में दिक्कत है तो वह तुरंत जिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर रिपोर्ट करें।
हेल्पलाइन नंबर पर करें संपर्क
यदि कोरोना वायरस से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी या समस्या के समाधान लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 1800-180-5145 पर संपर्क किया जा सकता है।
