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    माघ मेले में किसी भी श्रद्धालु को ना हो असुविधा, अधिकारी फील्ड में उतरकर रखें ध्यान : सीएम योगी

    Updated: Sat, 03 Jan 2026 07:01 AM (IST)

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेला की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो और उनकी सुरक् ...और पढ़ें

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    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि माघ मेला में आने में श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। अधिकारी फील्ड में उतरें और सभी श्रद्धालुओं का ध्यान रखें। उन्होंने मेला व स्नान स्थल पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा व अन्य प्रबंधों का इंतजाम करने के भी निर्देश दिए। कहा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    उन्होंने पीडब्ल्यूडी को जिला मुख्यालयों, सर्किट हाउस, तहसील व ब्लाक मुख्यालयों पर स्थायी हेलीपैड बनाने के लिए कहा।शुक्रवार को अपने आवास पर वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री ने आगामी पर्व-त्योहारों व माघ मेला की तैयारियों के संबंध में जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में कहा कि किसी भी स्थिति में अराजकता को बढ़ावा न मिले।

    ऐसी व्यवस्था करें कि सभी श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में स्नान व पूजा कर सकें। उन्होंने प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, चित्रकूट, हापुड़ (गढ़मुक्तेश्वर), मथुरा-वृंदावन, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर सहित माघ मेला से जुड़े सभी प्रमुख जिलों के डीएम को श्रद्धालुओं के आवागमन, घाटों व मंदिर परिसरों की स्वच्छता के निर्देश दिए।

    स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के दिए निर्देश

    साथ ही कहा कि निर्बाध बिजली आपूर्ति, महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम, कंट्रोल रूम, भीड़ प्रबंधन और मेला क्षेत्र में प्रवेश व निकास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।उन्होंने प्रयागराज में पौष पूर्णिमा पर अनुमानित 15 से 25 लाख श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष रूप से सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। कहा कि अस्पतालों, मेडिकल स्टाफ, एम्बुलेंस, स्वच्छ शौचालय, पेयजल व महिलाओं के लिए सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। घाटों पर गोताखोरों की पर्याप्त तैनाती रहे।

    महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और मेला क्षेत्रों व सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध और अराजक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी वरिष्ठ अधिकारी शुक्रवार रात में ही मेला स्थल का निरीक्षण कर लें और अधीनस्थों को समस्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दे दें। उन्होंने नदी में तेज बहाव के मद्देनजर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग करने के निर्देश भी दिए हैं।

    कोई भी नाविक और होटल संचालक श्रद्धालुओं से न ले मनमाना शुल्क

    साथ ही कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी नाविक व होटल संचालक श्रद्धालुओं से मनमाना शुल्क न लें। उन्होंने भू-माफिया और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए। कहा कि आमजन की भूमि व संपत्ति की सुरक्षा राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। नागरिकों की समस्याओं को दूर करने के लिए उन्होंने जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

    उन्होंने सड़कों पर जाम की समस्या को समाप्त करने के लिए अवैध टैक्सी स्टैंड, बस स्टैंड व वेंडरों को हटाकर उन्हें निर्धारित स्थलों पर व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने शीतलहर को लेकर जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि रैन बसेरों में रुकने वाले लोगों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड व सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाया जाए।

    10 दिनों में तैयार होगी बाढ़ से बचाव की कार्ययोजना

    मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को अगले 10 दिनों में बाढ़ से बचाव की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। कहा कि जिलाधिकारी मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव को भी बाढ़ से बचाव की कार्ययोजना निर्धारित समय में भेजें।