इंदौर में दूषित पेयजल से मौतों के बाद प्रदेश सरकार सतर्क, सीवर और पेयजल पाइप लाइन की होगी जांच
UP Government: इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद राज्य सरकार ने शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी क ...और पढ़ें

टूट-फूट या रिसाव की तत्काल कराई जाएगी मरम्मत
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ : मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पेयजल से सेवन से मौत के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार भी सक्रिय हो गई है। सरकार ने भी प्रदेश के शहरी क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने केे लिए सीवर और पानी की पाइप लाइन की नियमित जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
प्रमुख सचिव नगर विकास पी़ गुरुप्रसाद ने इस संबंध में नगरीय निकाय निदेशक, नगर आयुक्तों, जल निगम के प्रबंध निदेशक को जारी आदेश में स्पष्ट तौर पर कहा है कि सभी जगह सीवर और पेयजल पाइप लाइन में टूट-फूट या रिसाव को तत्काल ठीक कराया जाए। उन्होंने नगरवासियों को जलापूर्ति वाली पानी की टंकियों की नियमित सफाई कराने के निर्देश भी दिए हैं।
इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद राज्य सरकार ने शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि नलकूप, हैंडपंप, पाइप लाइन, पानी की टंकी व अन्य उपकरणों का संचालन इस तरह किया जाए कि बिना रुकावट पानी की आपू्र्ति हो सके।
खासतौर से उपभोक्ताओं के नल के उपयोग प्वाइंट पर पानी के नमूने इकट्ठे करके उसकी जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। पानी के नमूनों में क्लोरीन की जांच के लिए ओटी (आर्थोटोलिडाइन) टेस्ट, वायरस (वायरोलाजिकल), बैक्टीरिया (बैक्टीरियोलाजिकल) की जांच और रसायनिक विश्लेषण भी कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रमुख सचिव ने निर्देश दिया है कि पानी की पुरानी पाइप लाइन को प्राथमिकता से बदला जाए और स्वच्छ पेयजल की आपू्र्ति के संबंध में किए गए कार्यों का ब्योरा भी शासन को सप्ताहभर में उपलब्ध कराया जाए। इसमें किसी तरह की हीलाहवाली न हो इसके लिए प्रमुख सचिव ने चेतावनी भी दी है कि किसी भी प्रकार की शिथिलता और लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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