आवंटित बजट खर्च करने में पिछड़ने वाले विभाग के मंत्रियों की होगी किरकिरी, सीएम की ओर से भेजा जाएगा पत्र
Review of Budget By CM Yogi Adityanath: साफ कहा कि समय से बजट खर्च करने के लिए हर स्तर पर एक-एक अधिकारी की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाए। ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्तीय वर्ष आवंटित बजट के मुकाबले खर्च की गई धनराशि की समीक्षा की
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को चालू वित्तीय वर्ष के लिए आवंटित बजट के मुकाबले खर्च की गई धनराशि की समीक्षा की। उन्होंने बजट खर्च की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने साफ कहा कि समय से बजट खर्च करने के लिए हर स्तर पर एक-एक अधिकारी की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग समय से बजट का इस्तेमाल करें, इसमें कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। केंद्र सरकार से मिलने वाले बजट को जारी कराने के लिए विभागीय मंत्री, अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव दिल्ली जाकर पैरवी करें। जिन विभागों के बजट खर्च की प्रगति धीमी है उनको चिन्हित करते हुए विभागीय मंत्रियों को मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से पत्र जारी करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में चालू वित्तीय वर्ष में विभागों के बजट प्रविधान के मुकाबले शासन से जारी वित्तीय स्वीकृतियों, विभागाध्यक्ष के बजट आवंटन तथा व्यय आदि की प्रगति पर प्रमुख 20 विभागों की तरफ से प्रस्तुतिकरण के माध्यम से जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन विभागों में बजट खर्च करने की प्रगति धीमी है, वे इसमें तेजी लाएं।
उन्होंने कहा कि सभी विभाग आवंटित बजट का समय से इस्तेमाल करें। जिससे कि परियोजनाएं व योजनाएं समय से पूरी हो सकें। बजट समय से खर्च करने के लिए अधिकारी निर्णय लेने का सामर्थ्य विकसित करें। जिन विभागों में बजट व्यय की गति धीमी है, वह इसमें तेजी लाएं। बजट समय से खर्च करने के लिए हर स्तर पर एक-एक अधिकारी की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए विभाग तत्काल निर्णय लें। निर्णय में देरी से समय से बजट खर्च नहीं हो पाता है। उन्होंने कहा कि बजट खर्च में तेजी लाने के लिए विभागीय मंत्री और अधिकारी आपस में समन्वय बनाकर हर माह बैठकें करें। वित्त विभाग के अधिकारियों से कहा कि जिन विभागों के बजट के कुछ अंश जो अभी तक किन्हीं कारणों से जारी नहीं किए गए हैं, उन्हें तत्काल जारी करें।
प्रमुख 20 विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन योजनाओं के लिए केंद्र सरकार से बजट मिलने हैं, उसके लिए विभागीय मंत्री, अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव दिल्ली जाकर केंद्र सरकार से बजट जारी करने के लिए पैरवी करें। केंद्र सरकार को इसके लिए पत्र लिखें और फोन से फालोअप करें। इसके लिए मुख्य सचिव भी पहल करें।
मुख्य्मंत्री ने अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट बनाने की तैयारियां अभी से शुरू कर देने के निदेश दिया। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए बजट आवंटित करने से पहले विभागों के पिछले पांच वर्ष के खर्च का आंकलन कर लेने का निर्देश वित्त विभाग को दिया। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग नई कार्ययोजना पर अभी से तैयारी शुरू कर दे।

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