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    सीएम योगी आदित्यनाथ ने 'पद्म विभूषण' कल्याण सिंह को किया नमन, बोले- बाबू जी ने सत्ता नहीं, संकल्प चुना

    By Dharmendra PandeyEdited By: Dharmendra Pandey
    Updated: Mon, 05 Jan 2026 04:37 PM (IST)

    Birth Anniversary of Kalyan Singh: योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘बाबू जी’ उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के पहले मुख्यमंत्री थे। 1991 में जब उन्होंने ...और पढ़ें

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    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री 'पद्म विभूषण' कल्याण सिंह बाबूजी की 94वीं जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल्याण सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और कहा कि ‘बाबू जी’ अपने नाम को उत्तर प्रदेश के ‘कल्याण’ के साथ जोड़कर सार्थक करते रहे।

    लखनऊ में दो माल एवेन्यू पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके जीवन पर प्रकाश डाला। योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि बाबू जी कल्याण सिंह ने सत्ता नहीं, बल्कि संकल्प और सिद्धांत को चुना और यही उनके सार्वजनिक जीवन की सबसे बड़ी पहचान रही।

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘बाबू जी’ उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के पहले मुख्यमंत्री थे। 1991 में जब उन्होंने उत्तर प्रदेश की बागडोर संभाली, तब यहां अव्यवस्था, अराजकता, गुंडागर्दी थी और आतंकी गतिविधियां सिर उठा रही थीं। गांवों, गरीबों, किसानों, नौजवानों, महिलाओं को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा था। एक ओर कुव्यवस्था थी तो दूसरी ओर 500 वर्षों की गुलामी को दूर करने के लिए हिंदू समाज छटपटा रहा था। प्रशासनिक तंत्र कमजोर था और कानून-व्यवस्था पर भरोसा डगमगा चुका था। ऐसे कठिन समय में बाबूजी के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत की सरकार बनी और प्रदेश में सुशासन की दिशा में आगे बढ़ने का विश्वास जगा।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उन्होंने पहली बार भाजपा की सरकार की कमान अपने हाथ में ली थी। जब उन्होंने कार्य शुरू किया तो कुछ ही महीने में प्रदेशवासियों के मन में यह विश्वास सुदृढ़ होने लग गया था कि उत्तर प्रदेश सुशासन की ओर चलकर विकास के नए सोपान को चुनेगा, लेकिन उन्हें अस्थिर करने की साजिशें होने लगी। अव्यवस्था फैलानी शुरू हो गईं।

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब राम जन्मभूमि आंदोलन चरम की ओर बढ़ा तो रामभक्तों, पूज्य संतों की भावना का सम्मान करते हुए अपने आराध्य प्रभु श्रीराम के प्रति उन्होंने सत्ता को बलिदान करने में संकोच नहीं किया। उनकी सरकार गई, लेकिन गुलामी के ढांचे को हटाने के जिस प्रण के साथ राम भक्त आगे बढ़े थे, उन्होंने सारी जिम्मेदारी अपने ऊपर लेकर प्रभु राम के प्रति कर्तव्यों का निर्वहन करने में तनिक भी देर नहीं लगाई। बाबू जी का कार्यकाल यूपी सरकार के सुशासन, विकास, राष्ट्रवादी मिशन को बढ़ाने के लिए हमेशा जाना जाएगा।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाबूजी कल्याण सिंह ने प्रभु श्रीराम के प्रति अटूट आस्था को सर्वोपरि रखा। सत्ता की परवाह किए बिना उन्होंने अपने कर्तव्य और सिद्धांतों के अनुरूप निर्णय लिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबूजी की सरकार भले ही चली गई हो, लेकिन श्रीराम जन्मभूमि से जुड़े घटनाक्रम की नैतिक जिम्मेदारी उन्होंने स्वयं स्वीकार की और साहस के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। उनका शासनकाल सुशासन, विकास और राष्ट्रवादी विचारधारा को आगे बढ़ाने वाले एक निर्णायक अध्याय के रूप में स्मरण किया जाएगा।

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज हर भारतवासी बाबू जी को याद करता है। उनका जन्म किसान परिवार में हुआ। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पाठशाला में राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ा। आजीवन उसे जीवन का मंत्र बनाया और उस मिशन के लिए समर्पित होकर लगातार कार्य करते रहे और अपने नाम को उत्तर प्रदेश के ‘कल्याण’ के साथ जोड़कर सार्थक करते रहे। विधायक, मंत्री, सांसद, मुख्यमंत्री व राज्यपाल के रूप में उनकी सेवाएं देशवासियों के लिए सदैव स्मरणीय रहेंगी।