अयोध्या-काशी की राह पर 'नाथ नगरी': बरेली में टूटा पर्यटन का रिकॉर्ड, एक साल में पहुंचे 1 करोड़ से अधिक श्रद्धालु
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के धार्मिक पर्यटन विजन के तहत बरेली अब अयोध्या और काशी की तर्ज पर एक प्रमुख वैश्विक पर्यटन केंद्र बन गया है। नाथ कॉरिडोर के ...और पढ़ें

डिजिटल टीम, बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'धार्मिक पर्यटन' विजन ने उत्तर प्रदेश के एक और शहर की तस्वीर बदल दी है। अपनी प्राचीन पहचान और 'नाथ नगरी' के रूप में विख्यात बरेली अब अयोध्या और काशी की तर्ज पर एक प्रमुख वैश्विक पर्यटन केंद्र बनकर उभरा है। पर्यटन विभाग के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में बरेली पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या एक करोड़ के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गई है, जो पिछले वर्षों की तुलना में करीब 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।
नाथ कॉरिडोर: विकास का नया इंजन
योगी सरकार द्वारा सात पौराणिक नाथ मंदिरों को जोड़कर विकसित किए जा रहे 'नाथ कॉरिडोर' ने बरेली की ब्रांडिंग को नई ऊंचाई दी है। प्रथम चरण का कार्य पूर्ण होने के बाद से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही में भारी उछाल देखा गया है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत मंदिरों के जीर्णोद्धार और सड़कों के चौड़ीकरण ने विदेशी सैलानियों को भी आकर्षित किया है।
आंकड़ों की गवाही: बढ़ता ग्राफ
बरेली में न केवल घरेलू बल्कि विदेशी पर्यटकों की रुचि भी बढ़ी है। पिछले तीन वर्षों का तुलनात्मक विवरण इस प्रगति को स्पष्ट करता है:
| वर्ष | भारतीय पर्यटक | विदेशी पर्यटक | कुल योग |
| 2023 | 81,56,673 | 911 | ~81.57 लाख |
| 2024 | 99,13,182 | 1,120 | ~99.14 लाख |
| 2025 | 1,00,27,544 | 1,056 | 1.00 करोड़+ |
पर्यटन विभाग के अनुसार, विशेष रूप से नवंबर और दिसंबर के महीनों में पर्यटकों की संख्या सबसे अधिक (10.56 लाख से ज्यादा) रही।
ठहराव और रोजगार पर सरकार का फोकस
उप निदेशक पर्यटन रवींद्र कुमार के अनुसार, सरकार अब पर्यटकों की संख्या के साथ-साथ उनके 'ठहराव' (Stay) पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। इसके लिए दो महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम चल रहा है।
- लाइट एंड साउंड शो: मंदिरों और प्रमुख स्थलों पर सांस्कृतिक इतिहास को रोचक ढंग से प्रस्तुत करने की तैयारी है।
- होम स्टे योजना: पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति से जोड़ने और ठहरने की सस्ती व बेहतर सुविधा देने के लिए होम स्टे विकसित किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से स्थानीय होटल उद्योग, परिवहन और हस्तशिल्प व्यापार को सीधा लाभ मिल रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
नाथ कॉरिडोर के दूसरे चरण के कार्यों और प्रस्तावित सुविधाओं के बाद बरेली के पर्यटन ग्राफ में और अधिक तेजी आने की संभावना है। वीडियोग्राफी सर्वे और होटलों के डेटा से स्पष्ट है कि बरेली अब केवल एक औद्योगिक शहर नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश का एक अनिवार्य धार्मिक सर्किट बन चुका है।

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