लखनऊ, विधि संवाददाता : इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राज्य सरकार व नगर निगम को चेतावनी दी है कि डेंगू की रोकथाम के लिए किए जाने वाले प्रयासों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। वहीं राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में कहा गया कि डेंगू की वृद्धि में कमी आई है। मामले की अगली सुनवाई दो दिसंबर को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति डी के उपाध्याय और न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव की खंडपीठ ने आशीष कुमार मिश्रा की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर पारित किया।

शहर में साफ-सफाई के कार्यों व फागिंग की जानकारी दी

सुनवाई के दौरान चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग और लखनऊ नगर निगम की ओर से जवाबी हलफनामा भी दाखिल किया गया। नगर निगम ने हलफनामा में शहर में साफ-सफाई के कार्यों व फागिंग इत्यादि की जानकारी दी। दोनों विभागों व नगर निगम के हलफनामों पर गौर करने के उपरांत न्यायालय ने कहा कि कुछ कदम जरूर उठाए गए हैं लेकिन अभी और भी प्रयास करने की आवश्यकता है, खास तौर पर नगर निगम को इस दिशा में और काम करना होगा। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि शहर में डेंगू के मामलों में वृद्धि आई है।

लखनऊ खंडपीठ ने चेतावनी दी

इस पर राज्य सरकार के अधिवक्ता ने कहा कि पिछले तीन दिनों में डेंगू के मामलों की वृद्धि में कमी आई है। न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि फागिंग की जिन इलाकों में ज्यादा आवश्यकता है, वहां नगर निगम द्वारा फागिंग करने में शिथिलता बरती गई प्रतीत होती है। इन टिप्पणियों के साथ न्यायालय ने चेतावनी दी कि प्रयासों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। साथ ही मच्छरों की वृद्धि तथा शहर की साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

Edited By: Anurag Gupta

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