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    हाई कोर्ट के आदेश के अधीन होगा शराब की दुकानों का आवंटन, सात अप्रैल को होगी सुनवाई

    Updated: Fri, 07 Mar 2025 08:33 AM (IST)

    Liquor Shop Allotment इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शराब की दुकानों के आवंटन के लिए लाटरी प्रणाली पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार को चार हफ़्ते में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई 7 अप्रैल को होगी। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि लाटरी प्रक्रिया से आवंटन का शासनादेश संबंधित नियमावली के नियम पांच के विरुद्ध है।

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    Liquor Shop Allotment: लाटरी के जरिये शराब की दुकानों के आवंटन के मामले में सुनवाई। जागरण

     विधि संवाददाता, जागरण, लखनऊ। Liquor Shop Allotment: इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने लाटरी के जरिये शराब की दुकानों के आवंटन के मामले में आदेश पारित करते हुए कहा है कि आवंटन प्रक्रिया न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। इसके साथ ही न्यायालय ने राज्य सरकार को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई सात अप्रैल को होगी।

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    यह आदेश न्यायमूर्ति राजन राय व न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने सीतापुर के रामचन्द्र व अन्य की ओर से दाखिल याचिका पर पारित किया। याचियों ने लाटरी के जरिये शराब के दुकानों का नए सिरे से आवंटन करने संबंधी छह फरवरी, 2025 के शासनादेश को चुनौती दी है।

    याचिकाओं का विरोध करते हुए राज्य सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता एलपी मिश्रा ने दलील दी थी कि इसी विषय पर याचिकाएं इलाहाबाद हाई कोर्ट में एकल पीठ के समक्ष विचाराधीन हैं, लिहाजा वर्तमान याचिका भी एकल पीठ द्वारा ही सुनी जानी चाहिए।

    हालांकि इस आपत्ति के संबंध में न्यायालय ने संबंधित अनुभाग से रिपोर्ट मंगाई, जिसके आधार पर याचिका को खंडपीठ द्वारा ही सुने जाने योग्य करार दिया। वहीं याचियों की ओर से दलील दी गई है कि लाटरी प्रक्रिया से आवंटन का शासनादेश संबंधित नियमावली के नियम पांच के विरुद्ध है।

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    शराब की दुकानों का आवंटन। जागरण


    कहा गया है कि राज्य सरकार ने तीन मार्च को नियमावली में संशोधन कर दिया है, लेकिन इस संशोधन से छह फरवरी का शासनादेश औचित्यपूर्ण नहीं माना जा सकता। उल्लेखनीय है कि बुधवार को न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने इसी विषय पर दाखिल दर्जनों याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए उन्हें खारिज कर दिया था। एकल पीठ ने कहा कि शराब का व्यवसाय सांविधानिक अधिकार नहीं है।

    निबंधन कार्यालयों का समय एक घंटे बढ़ाया

    प्रदेश के सभी उप-निबंधन कार्यालय इस माह शाम छह बजे तक रजिस्ट्री का कार्य करेंगे। अब शाम चार बजे के बजाय पांच बजे तक का स्लाट बुक किया जा सकेगा। कार्यालयों को शाम छह बजे तक रजिस्ट्री का कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

    महानिरीक्षक निबंधन अमित गुप्ता ने गुरुवार को इसके आदेश जारी कर दिए। स्टांप एवं पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि वर्ष 2024-25 के वित्तीय समापन और मार्च में होली व नवरात्र के कारण इस माह अधिक संख्या में अचल संपत्तियों का पंजीकरण कराया जाना संभावित है।

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    इस माह त्योहारों के सार्वजनिक अवकाश होने से उपलब्ध कार्य दिवस कम होने के कारण यह निर्णय लिया गया है। मार्च में अवकाश के दिन व रविवार को भी उप-निबंधक कार्यालय खुले रहेंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था के अनुसार आम जनता को शाम चार बजे तक रजिस्ट्री के लिए स्लाट उपलब्ध कराए जाते थे और शाम पांच बजे तक रजिस्ट्री का कार्य संपादित किया जाता था।