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    बिना कारण नामांतरण का आवेदन कैंसिल करने पर अलीगढ़ के प्रॉपर्टी मैनेजर सस्पेंड, होगी विभागीय जांच 

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 07:02 AM (IST)

    अलीगढ़ के प्रभारी संपत्ति प्रबंधक देशराज सिंह को ऑनलाइन नामांतरण आवेदन बिना कारण रद्द करने पर निलंबित किया गया है। उन पर मथुरा के एक मामले को भी लटकान ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, लखनऊ। वसीयत के आधार पर आनलाइन नामांतरण आवेदन को बिना कारण निरस्त करने में अलीगढ़ के प्रभारी संपत्ति प्रबंधक को निलंबित कर दिया गया है। उन पर मथुरा जिले के नामांतरण प्रकरण को लटकाने का भी आरोप है। अपर आवास आयुक्त व सचिव उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद डा नीरज शुक्ल ने विभागीय जांच और संपत्ति प्रबंधक को मुख्यालय से संबद्ध करने का आदेश दिया है। आवास विकास परिषद की आवासीय योजना संख्या दो अलीगढ़ में भूखंड संख्या 163 का नामांतरण कराने के लिए गौरव कौशिक ने आनलाइन आवेदन किया था।

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    कौशिक पिता के निधन के बाद उनकी वसीयत के आधार पर भूमि का नामांतरण कराना चाहते थे। आवेदक द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रपत्रों की जांच के बाद आनलाइन आवेदन प्रभारी संपत्ति प्रबंधक देशराज सिंह ने यह कहते हुए निरस्त कर दिया गया कि कौशिक ने महत्वपूर्ण दस्तावेज अपलोड नहीं किया जबकि उन्हें 45 दिन का समय दिया गया था। संपत्ति प्रबंधक ने यह भी लिखा कि भूखंड के तीन भाग में विक्रय विलेख किया गया है।

    आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह से की शिकायत

    आवेदन निरस्त होने पर कौशिक ने आवास आयुक्त डा. बलकार सिंह से इसकी शिकायत की। आवास आयुक्त के निर्देश पर सहायक आवास आयुक्त आगरा जोन से इसकी जांच कराई गई, सहायक आवास आयुक्त ने 12 दिसंबर को रिपोर्ट सौंपी इसमें लिखा है कि नौ जून 2025 को आनलाइन आवेदन हुआ और 31 जुलाई 2025 को उसे निरस्त कर दिया गया। ऐसे ही राधिका विहार जिला मथुरा में भूखंड संख्या 502 का नामांतरण न करते हुए लटकाए रखा गया। इस संबंध में जोनल‌ आयुक्त ने निर्देश दिया फिर भी नामांतरण नहीं किया गया।

    जांच अधिकारी ने यह भी लिखा है कि प्रकरण को निस्तारित करने व लटकाने की वजह भ्रष्टाचार हो सकता है। अपर आवास आयुक्त व सचिव डा. शुक्ल ने तत्काल प्रभाव से संपत्ति प्रबंधक देशराज सिंह को निलंबित कर दिया। इस मामले की विभागीय जांच परिषद मुख्यालय के तहसीलदार भूमि अर्जन को सौंपी गई है। विभागीय जांच का आरोप पत्र तैयार करने का सहायक आवास आयुक्त आगरा जोन को सौंपा गया है। वह 15 दिन में रिपोर्ट देंगे, निलंबन अवधि में आरोपित प्रभारी संपत्ति अधिकारी मुख्यालय के भूमि अर्जन अनुभाग से संबद्ध रहेंगे।