लखनऊ। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज उत्तर प्रदेश सरकार को संविदा कर्मियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर समस्याओं का समाधान करने का सुझाव दिया। लखनऊ के झूलेलाल मैदान पर जमा संविदा कर्मियों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाने के लिए गृहमंत्री ने मोहनलालगंज सांसद कौशल की तारीफ की और कहा कि वह संसद में भी गरीबों की आवाज उठाते रहते हैं। राजनाथ ने कहा कि कोई भी शासन प्रणाली हो लेकिन हर व्यक्ति को इंसाफ मिलना चाहिए। संविदा कर्मियों की अधिकांश समस्याएं प्रदेश सरकार से जुड़ी हैं और इनके समाधान के लिए ठोस नीति बनाई जानी चाहिए। फिर उन्होंने सवाल किया कि पैसे और पसीने में कौन बड़ा होता है। खुद ही जवाब भी दिया कि पैसे से पसीना नहीं बनता लेकिन पसीने से पैसा बनता है इसलिए पसीने का महत्व ज्यादा है।

सरकार का खजाना कुबेर का खजाना

परोक्ष रूप से राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए राजनाथ ने कहा कि जो पसीने की इज्जत करना नहीं जानते उसे सत्ता में बने रहने का काई हक नहीं है। समस्या समाधान में धन की कमी की नहीं है। सरकार का खजाना कुबेर का खजाना होता है, बस केवल नीयत साफ होनी चाहिए। प्रदेश सरकार को संविदा कर्मियों के प्रतिनिधियों को बुलाकर बात करनी चाहिए और जिंदगी जीने लायक व्यवस्था की जानी चाहिए।

राज्यों का हिस्सा बढ़ाया गया

अपने संक्षिप्त भाषण में राजनाथ सिंह ने दावा किया कि आजाद भारत के इतिहास में कभी भी राज्यों को इतना धन नहीं दिया गया जितना मोदी सरकार ने दिया है। अब तक राज्यों को 32 प्रतिशत हिस्सा मिलता था जिसे बढ़ाकर 42 किया गया है। वह आंखों में धूल झोंक कर नहीं बल्कि आंखों में आंखें डालकर राजनीति करते हैं। पैसे की कमी को लेकर रोने-धोने का दौर अब समाप्त होना चाहिए।

भाजपा सरकार बनने पर न्याय होगा

सांसद कौशल किशोर ने कहा कि संविदा कर्मियों की समस्याओं को हल करने में न तो सपा और न ही बसपा सरकार ने रुचि दिखायी, अब भाजपा सरकार बनने के बाद इनके साथ न्याय हो सकेगा। अब जिलों-जिलों में संविदा कर्मियों की रैलियां की जाएंगी और उसके बाद रमाबाई अंबेडकर मैदान में रैली होगी जिसमें संविदा कर्मी अपने परिवार के साथ शामिल होंगे। कार्यक्रम में सांसद प्रियंका रावत व अनीता रावत सहित तमाम भाजपा नेता भी मौजूद थे।

Edited By: Nawal Mishra