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    पूरे गांव पर ल‍िखूंगा मुकदमा..., न्‍याय की मांग कर रहे लोगों को दारोगा की धमकी; कस्‍टडी में युवक की मौत का आरोप

    Updated: Wed, 08 Jan 2025 01:06 PM (IST)

    यूपी के लखीमपुर में युवक रामचंद्र की मौत का मामला बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को शव गांव पहुंचते हंगामा शुरू हो गया। ग्रामीणों ने एकजुट होकर पुलिस के खिलाफ हल्ला बोल द‍िया। इसी बीच मौके पर मौजूद मझगई चौकी इंचार्ज दयाशंकर द्विवेदी व कई थानों की पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली रोकने के लिए सरकारी गाड़ियां खड़ी कर दी। आक्रोशित ग्रामीण और पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक हुई।

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    हुलाशी पुरवा के ग्रामीणों द्वारा हंगामे के विरोध से नाराज पुलिस।- जागरण

    संवाद सूत्र, निघासन (लखीमपुर)। रामचंद्र का शव गांव पहुंचते हंगामा शुरू हो गया। ग्रामीणों ने एकजुट होकर पुलिस के खिलाफ हल्ला बोल द‍िया। अपने-अपने साधनों से ग्रामीण बंहृनपुर की तरफ निकल पड़े। इसी बीच मौके पर मौजूद मझगई चौकी इंचार्ज दयाशंकर द्विवेदी व कई थानों की पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली रोकने के लिए सरकारी गाड़ियां खड़ी कर दी। आक्रोशित ग्रामीण और पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। वायरल वीडियो में दयाशंकर द्विवेदी एक ट्रैक्टर चालक से उलझते नजर आए।

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    दयाशंकर द्विवेदी ने कहा, ''मुझे कुचल कर मारना चाह रहे हो। गैंगस्टर लिखूंगा, ट्रैक्टर छुड़ा नहीं पाओगे, बस थाने पहुंचने की देर है। जिसके यहां मौत हुई उसका भाई शव के साथ है और तुम लोग फालतू की नेतागिरी कर रहे हो। पूरे गांव पर मुकदमा लिखूंगा।'' 

    पोस्‍टमार्टम हाउस पर हंगामा

    उधर, मृतक के परिवार की महिलाओं ने मंगलवार को पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा किया। महिलाओं ने पुलिस से पंचनामा दिखाने के लिए कहा, तो पुलिस ने बताया कि डॉक्टर के पास है। इससे महिलाएं भड़क गईं और आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना घरवालों की जानकारी के फर्जी पंचनामा कराया है। साथ ही पुलिस को चेतावनी देने लगी कि पंचनामा फर्जी हुआ तो देख लेना आगे बहुत खराब होगा। पोस्टमार्टम हाउस सुबह से ही छावनी में तब्दील कर दिया गया, जहां सदर कोतवाली, महिला थाना, खीरी थाना, शारदानगर थाना आदि का पुलिस फोर्स मुस्तैद रहा।

    आक्रोशि‍त द‍िखीं मह‍िलाएं

    सीओ सिटी रमेश कुमार तिवारी पीड़ित परिवारीजन और महिलाओं से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास करते रहे। इसी दौरान एसपी गणेश प्रसाद साहा भी पीड़ित परिवारीजन से मिले और उन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। हालांकि, संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर महिलाएं काफी आक्रोशित दिखीं और कुछ महिलाओं ने तो गाली-गलौज कर दी। इस दौरान रोते-बिलखते महिलाएं बेसुध होती नजर आईं।

    वीडियोग्राफी व तीन डॉक्टरों कुलदीप कुमार, रोहित पाठक और हर्षदेव भारती के पैनल से पोस्टमार्टम होने के बाद जब शव को एंबुलेंस से भेजने की तैयारी होने लगी, तो पीड़ित महिलाओं ने एंबुलेंस से शव को ले जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद काफी देर तक शव को ले जाने के लिए जद्दोजहद होती रही। हालांकि, कुछ देर बाद परिवारीजन शव को एंबुलेंस से ले जाने पर मान गए, जिसके बाद करीब डेढ़ बजे पोस्टमार्टम हाउस से गांव के लिए भेजा गया।

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