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    लखीमपुर खीरी में युवक की मौत मामले में पुल‍िस पर लगे गंभीर आरोप, साथि‍यों ने बताई चौंकाने वाली बात

    Updated: Wed, 08 Jan 2025 01:44 PM (IST)

    लखीमपुर खीरी के निघासन कांड में मृतक रामचंद्र के साथ गांव हुलासीपुरवा के अन्य तीन साथी सुरेश मोहन और मुनेश भी जंगल गए थे। इन युवकों ने बताया क‍ि पुलिस ने रामचंद्र समेत उन्‍हें गाड़ी में बैठा लिया। रास्ते में रामचंद्र को उतार दिया और तीन लोगों को थाने में जाकर बंद कर दिया। आरोप है कि पुलिस ने तीनों लोगों काे छोड़ने के लिए 90 हजार रुपये मांगे थे।

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    लखीमपुर के पोस्टमार्टम हाउस पर मृतक के परिजनों से बातचीत करते हुए खीरी थाना एसओ हेमंत कुमार राय।- जागरण

    संवाद सूत्र, लखीमपुर। निघासन कांड में रामचंद्र के साथ गांव हुलासीपुरवा के अन्य तीन साथी सुरेश, मोहन और मुनेश भी जंगल गए थे, जिन्होंने पोस्टमार्टम हाउस पर बताया कि वह लोग सोमवार को रामचंद्र के साथ जंगल में लकड़ी बीनने गए थे। वहां पर मझगई और निघासन की पुलिस पहुंची, तब वह लाेग साइकिल पर लकड़ी के गठ्ठर लाद रहे थे। शराब बनाने वाले भाग गए।

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    पुलिस ने रामचंद्र समेत सुरेश, मोहन व मुनेश को पकड़कर गाड़ी में बैठा लिया। रास्ते में मन्नापुर गांव के पास रामचंद्र को उतार दिया और तीन लोगों को थाने में जाकर बंद कर दिया। मोहन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने तीनों लोगों काे छोड़ने के लिए 90 हजार रुपये मांगे थे। इसके बाद रामचंद्र की मौत होने पर पुलिस ने आनन-फानन में तीनों लोगों को छोड़ दिया था। पुलिस ने ऐसे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।

    पुलिस अधिकारी करते रहे टाल-मटोल

    मंगलवार को मृतक रामचंद्र के शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल से कराए जाने के बाद देर शाम तक पुलिस अधिकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जानकारी देने में टाल-मटोल करते रहे। शाम साढे़ छह बजे एसपी गणेश प्रसाद साहा ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट की बावत कहा कि अभी रिपोर्ट आई नहीं है, जबकि डॉक्टरों द्वारा दोपहर एक बजे तक पोस्टमार्टम करके शव पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया था।

    हार्ट अटैक से मौत की आशंका, बिसरा प्रिजर्व

    एसपी गणेश प्रसाद साहा ने देरशाम बताया कि पोस्टमार्टम में शरीर पर चोटों के कोई निशान नहीं मिले हैं। डाक्टरों ने हार्ट अटैक से मौत की आशंका जताई है, लेकिन स्पष्ट नहीं है। इसलिए बिसरा प्रिजर्व किया गया है। परिवार वालों के आरोपों की जांच सीओ निघासन महक शर्मा कर रही हैं।

    महिला पुलिसकर्मी ने मृतक की पत्नी को मारा थप्पड़

    पुलिस हिरासत में पिटाई से युवक की मौत होने के बाद पुलिस का दूसरा रूप भी सामने आ गया। सीएचसी के बाहर बिलखते परिवारीजन के अलावा मौजूद लोग पुलिस की क्रूर चेहरे से भयावह हो उठे। परिवारीजनों के दर्द पर मरहम लगाने की बजाय महिला पुलिस ने मृतक की पत्नी पूनम और बहन कांती को घसीटकर शव से अलग कर दिया। आरोप है कि इसी दौरान एक महिला पुलिसकर्मी ने पूनम को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद शव को छीनकर जबरन एंबुलेंस में डाल दिया। परिजन सीएचसी की दहलीज पर खड़े होकर चीखते रहे।

    मृतक रामचंद्र के छोटे भाई दिनेश ने बताया कि रामचंद्र अपने साथियों मुनेश, सुरेश मोहन के साथ जलौनी लकड़ी लेने जंगल गया था। निघासन और मझगई पुलिस की संयुक्त टीम ने वहां रामचंद्र को पकड़ लिया। आरोप है कि कुछ सिपाहियों ने दोनों हाथ पकड़ लिए और दरोगा पिटाई करने लगा।

    बड़े भाई रामचंद्र ने दुहाई देकर पुलिस से रहम की भीख तक मांगी। वह हाथ जोड़कर बार बार यही कहता रहा कि साहब मुझे मत मारिए, मेरा कसूर क्या है, लेकिन सयुक्त पुलिस टीम ने एक ना सुनी। बड़ी निर्दयता के साथ उसकी पिटाई करने लगा और वहां से बुरी तरह पीटते हुए लेकर गए। जब उसकी हालत बेजान हो गई, तो निघासन और मझगई पुलिसकर्मी लावारिश हालात में निघासन सीएचसी में शव छोड़कर भाग निकले। पीछे से गांव के लोग और परिवारीजन निघासन पहुंचे, तो उसका शव भीषण ठंड में सीएचसी के बाहर पड़ा मिला।

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