विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

UPI आईडी से खाते में पैसे भेजकर लोगों को फंसा रहे जालसाज, अपरिचित से लेन-देन करने से बचें

Published: Sat, 03 Jan 2026 04:04 PM (GMT+05:30)

ऑनलाइन लेन-देन बढ़ने के साथ ही जालसाज अब यूपीआई के जरिए लोगों के खातों में पैसे भेजकर उन्हें फंसा रहे ...और पढ़ें

UPI आईडी से खाते में पैसे भेजकर लोगों को फंसा रहे जालसाज।

UPI आईडी से खाते में पैसे भेजकर लोगों को फंसा रहे जालसाज।

HighLights

  1. जालसाज यूपीआई से पैसे भेजकर खातों को कर रहे लॉक।

  2. स्थानीय स्तर पर इन मामलों का समाधान नहीं हो पा रहा।

  3. बैंक प्रबंधक ने अपरिचितों से लेन-देन न करने की सलाह दी।

जागरण संवाददाता, हाटा। ऑनलाइन लेन देन बढ़ने के साथ ही अब जालसाज लोगों के बैंक खातों में यूपीआई से पैसे भेजकर फंसा रहे हैं। जिसका समाधान स्थानीय स्तर पर न हो पाने से लोग परेशान हैं। यूपीआई से बैंक खातों में धन आने के बदले नकद देने के बाद भी खाते लॉक हो रहे हैं।

साइबर अपराध को रोकने के लिए सरकार द्वारा टोल फ्री न. की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जिसका उद्देश्य साइबर अपराध होने पर टोल फ्री न. के माध्यम से न्याय पाना है। वहीं यूपीआई से खातों में धन भेजने के बाद शिकायत दर्ज कराने के मामले भी आने लगे हैं।

थरूआडीह निवासी सूर्यनरायण गुप्ता नगर के गोरखपुर तिराहे पर एक बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र चलाते हैं। बताया कि दो माह पूर्व एक व्यक्ति ने यूपीआई से मेरे खाते में 10 हजार रूपया भेजा। जिसके बदले उसे 10 हजार नकद दे दिया।

उसके द्वारा अपने खाते में फ्राड होने की सूचना गोपालगंज बिहार में पुलिस को दिया गया। जिसके कारण मेरा खाता लाक हो गया है। नगर के गौरीबाजार तिराहे पर स्थित एक बैंक के कर्मचारी के खाते पर भी ऐसे ही मामले में बैन लगा है।

बैंक ऑफ बड़ोदा शाखा हाटा के प्रबंधक रविंद्र सिंह ने कहा कि बेवजह खातों पर बैन लगने के मामले हर रोज आ रहे हैं। जिसका समाधान स्थानीय स्तर पर नहीं हो पा रहा। अपरिचित लोगों की यूपीआई से अपने खातों में पैसे न लें।