कुशीनगर: बरवा पट्टी थाना क्षेत्र के गांव अमवा दीगर के टोला भरपटिया में मंगलवार को विवादित भूमि पर कब्जा दिलाने गई पुलिस टीम व ग्रामीणों में तीखी झड़प हो गई। इससे नाराज पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों की पिटाई कर दी, इसको लेकर माहौल बिगड़ गया। ग्रामीणों ने भी पुलिस पर पथराव कर दिया। भीड़ से घिरता देख पुलिसकर्मी भाग कर अपनी जान बचाए। घटना में तीन महिलाओं छह ग्रामीण घायल हुए हैं। वहीं एसओ वीरेंद्र कुशवाहा समेत तीन पुलिसकर्मी भी लहूलुहान हुए हैं। एएसपी एपी सिंह ने मौके पर पहुंच कर घटना की जानकारी ली। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है। अधिकारियों ने पुलिस कर्मियों के घायल होने से इंकार किया है।

गांव के चंचल यादव व गांव सभा के बीच दो बीघा भूमि के मालिकाना हक को लेकर विवाद चल रहा है। इससे जुड़ा वाद कमिश्नर गोरखपुर के न्यायालय में लंबित है। 16 दिसंबर 2020 को चंचल यादव ने एसडीएम तमकुहीराज को प्रार्थना-पत्र देकर विवादित भूमि पर जोतने-बोने की अनुमति मांगी थी, जिस पर एसडीएम ने मौके पर यथास्थिति व शांति व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया था। दोपहर में एसओ वीरेंद्र कुशवाहा पुलिस बल के साथ विवादित भूमि पर पहुंचे और चंचल यादव से बातचीत करने लगे। उनकी मौजूदगी में ही चंचल विवादित भूमि की ट्रैक्टर से जोताई कराने लगे। इसकी जानकारी जब गांव के लोगों को हुई तो वह आक्रोशित हो गए। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और जोताई का विरोध करने लगे। विरोध कर रहे ग्रामीणों व पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। इस पर कुछ सिपाहियों ने ग्रामीणों को दौड़ा-दौड़ा कर मारना शुरू कर दिया। इससे माहौल अचानक बिगड़ गया। ग्रामीण आक्रोशित हो गए और पुलिस पर ईंट-पत्थर चलाने लगे। जिससे भगदड़ मच गई। ग्रामीणों से खुद को घिरता देख एसओ किसी तरह अपने वाहन में बैठ साथ के पुलिसकर्मियों संग भाग निकले।

पुलिस की पिटाई से चंद्रशेखर यादव, राजू गुप्ता, रितेश यादव, गायत्री देवी, रिकी, सुनैना गंभीर रूप से घायल हो गए, कुछ अन्य लोगों को मामूली चोट आई है। घायलों को सीएचसी बरवापट्टी ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। एसओ, दारोगा रामनयन यादव व सिपाही अखिलेश यादव भी लहूलुहान हुए हैं। गांव के लोगों ने घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी।

एसपी विनोद कुमार सिंह ने कहा कि विवादित जमीन पर बिना राजस्व टीम के पुलिस कैसे पहुंची थी, इसकी जांच करायी जा रही है। इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कोई पुलिस कर्मी घायल नहीं हुआ है।

विवादित भूमि पर नौ वर्षों से नहीं होती है खेती

विवादित भूमि पहले गांव के ही सूरज गुप्ता के नाम थी। वर्ष 2011 में उनकी मौत हो गई। गांव के चंचल यादव ने उनके हिस्से की दो बीघा भूमि अपनी पत्नी संपतिया देवी के नाम वसीयत कराने की बात बताते हुए भूमि पर कब्जा करने की कोशिश की तो ग्रामीण एकजुट होकर इसका विरोध किए।

तत्कालीन प्रधान स्वामीनाथ कुशवाहा ने वसीयत को गलत बताते हुए एसडीएम कोर्ट में मुकदमा दाखिल किया। 27 दिसंबर 2011 को कोर्ट ने वसीयत को निरस्त कर दिया। चंचल ने इस आदेश के विरुद्ध कमिश्नर न्यायालय गोरखपुर में वाद दाखिल किया है, जो आज विचाराधीन है।

देर शाम संपतिया देवी ने पुलिस को तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है। एसपी विनोद कुमार सिंह ने कहा कि एसओ ने विवाद की सूचना मिलने पर मौके पर जाने की बात बताई है। इसकी जांच कराई जा रही है। कानून व्यवस्था हाथ में लेने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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