खुशी होटल में युवक-युवतियों की अय्याशी में पुलिस का 'खेल', तो SP अंकिता शर्मा के एक्शन से विभाग में खलबली
Kasganj News खुशी होटल मामले में गलत प्राथमिकी दर्ज करने पर एसपी ने चौकी प्रभारी कतारपुर को लाइन हाजिर कर दिया गया है। उनको थाने से रवाना भी कर दिया गया है। क्षेत्राधिकारी सदर आंचल चौहान ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक लोकेश भाटी के साथ शिकायत पर बुधवार को खुशी होटल में छापामारी की थी। पुलिस ने मौके से पांच युवतियों समेत दस लोगों को पकड़ा था।
जागरण संवाददाता, कासगंज। कोतवाली सदर पुलिस ने अपने ही दो सीओ और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को झूठा साबित कर दिया। इन तीनों ने बुधवार को खुशी होटल में छापामार पांच युवकों और पांच युवतियों को रंगरेलियां मनाते पकड़ा था।
कोतवाली के उपनिरीक्षक धनपाल सिंह ने लिखाई प्राथमिकी में केवल पांच लोगों को होटल के बाहर महिलाओं पर अश्लील फब्तियां कसने के आरोप में गिरफ्तार दिया। जबकि पकड़ी गई युवतियों के बार में कोई जिक्र नहीं किया गया। इतना ही नहीं होटल को भी इस पूरे मामले से बचा लिया।
क्षेत्राधिकारी सदर आंचल चौहान ने बुधवार को सूचना पर होटल खुशी में छापामारी की थी। इस दौरान उनके साथ कोतवाली प्रभारी लोकेश भाटी मय फोर्स के थे।
कमरों में रंगरेलियां मनाते पकड़े थे युवक और युवतियां
पुलिस ने मौके से पांच युवतियों और चार युवकों को रंगरेलियां मनाते पकड़ा था। कमरों में आपत्तिजनक सामान भी मिला था। इसके बाद सीओ सहावर शाहीदा नसरीन भी मौके पर पहुंचीं थी। इन सभी के अलावा पुलिस होटल के मैनेजर को भी पकड़ कर थाने ले आई थी। इसके बाद पुलिस ने थाने से बिना कोई कार्रवाई के युवतियों का छोड़ दिया।
युवकों को होटल के बाहर से पकड़ना दिखाया
जबकि एसपी अंकिता शर्मा ने बताया था कि सभी युवतियों पर 151 की कार्रवाई की गई है। वहीं जिन पांच युवकों को होटल से पकड़ कर लाए थे। उनमें अनुज प्रताप पुत्र हुकुम सिह निवासी नगला गंगा राम थाना मिरहची जनपद एटा, रवेन्द्र कुमार पुत्र राजबहादुर निवासी गढी रोड थाना व जिला कासंगज, अनोज पुत्र किशोरीलाल निवासी दतलाना थाना सोरों, अमन गुप्ता पुत्र प्रदीप कुमार गुप्ता निवासी टिकरगंज थाना कोतवाली बदायूं और मैनेजर अभिषेक मिश्रा पुत्र कामेश मिश्रा निवासी नई बस्ती लालपुर कासंगज थे। पुलिस ने इन सभी को होटल के बाहर से पकड़ना दिखाया।
अश्लील फब्तियां कसने का आरोप
इतना ही नहीं इन सभी पर महिला पर अश्लील फब्तियां कसने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई। जबकि पुलिस की छापामार की कार्रवाई सभी मीडिया ने रिकॉर्ड भी की। इतना ही नहीं इसकी वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल भी हो रही है। आखिर पुलिस की ऐसी क्या मजबूरी थी कि उनको अपने ही अधिकारियों को गलत ठहराना पड़ा।
विधायक के संरक्षण में चल रहा है होटल
बताया जाता है कि किसी विधायक के संरक्षण में ये होटल चलता है। पुलिस ने होटल पर छापा तो मार दिया। उसके बाद जब कार्रवाई की बात आई तो अपने हाथ खींच लिए। यही वजह है कि युवतियों को बिना कार्रवाई के छोड़ दिया। जबकि युवकों पर भी बहुत कम धाराओं में कार्रवाई की गई।
आरोपितों पर कार्रवाई की गई है। मामले की जांच की जा रही है। दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ धाराएं बढ़ा दी जाएंगी। अंकिता शर्मा, एसपी
खुशी होटल मामले में चौकी प्रभारी कतारपुर लाइन हाजिर
चौकी प्रभारी कतारपुर धनपाल सिंह ने इस संंबंध थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने युवतियों का कोई जिक्र ही नहीं किया। होटल का भी जिक्र नहीं किया। पांचाें युवकों को होटल के बाद फब्तियां कसते हुए गिरफ्तार दर्शाया गया। इस पर थाने में अभियोग भी पंजीकृत कर लिया गया। इसकी जानकारी जब एसपी अंकिता शर्मा को हुई तो उन्होंने नाराजगी जताई। इतना ही नहीं चौकी प्रभारी कतारपुर धनपाल को लाइन हाजिर भी कर दिया गया।
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