समधी के प्यार में अंधी मां ने बेटी को उतारा मौत के घाट, बोली- वो जान गई थी सब, मुझे डर था कि...
समधी के प्रेम में अंधी हुई 55 साल की मां संबंध खुलने के डर में अपनी विवाहित छोटी बेटी को रास्ते से हटाने की साजिश रची। मायके आई बेटी को नशीली चाऊमीन ख ...और पढ़ें

पुलिस कार्यालय में घटना का पर्दाफाश करती एसपी अंकिता शर्मा। जागरण
जागरण संवाददाता, कासगंज। समधी के प्रेम में अंधी हुई 55 साल की मां संबंध खुलने के डर में अपनी विवाहित छोटी बेटी को रास्ते से हटाने की साजिश रची। मायके आई बेटी को नशीली चाऊमीन खिलाई और बेसुध होने पर समधी के साथ मिलकर गला घोंट दिया। शव को फेंकने के बाद दामाद और अन्य ससुरालियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया। आरोपितों के बयान के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की तो पोल खुल गई। हत्यारोपित मां और समधी (बड़ी बेटी के ससुर) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
भरगैन की यासमीन की दो बेटियां है। बड़ी बेटी की शादी बदायूं और छोटी बेटी शबनूर की शादी चार साल पहले गंजडुंडवारा के जाबिर से हुई थी। 25 दिसंबर को शबनूर का पति जाबिर उसे मायके छोड़ गया था। अगले दिन 26 दिसंबर को शबनूर का शव मिला।
यासमीन ने दामाद जाबिर, उसके चाचा सत्तार, भाई जुबैर, बहन रहमतुल के खिलाफ दहेज हत्या कर शव को फेंकने का मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस ने जांच की तो आरोपित निर्दोष लग रहे थे। यासमीन के बयानों पर पुलिस को शक हुआ तो उसकी कॉल डिटेल खंगाली।
इसके बाद यासमीन से सख्ती से पूछताछ हुई तो सच कबूल लिया। उसने बताया कि समधी रहीस अहमद से उसके रिश्ते हो गए थे। इसकी जानकारी शबनूर को हो गई। वह बार-बार पिता इकरार को इसकी जानकारी देने की धमकी देती थी। घटना वाली रात भी शबनूर ने धमकी दी, जिसके बाद उसे रास्ते से हटाने का फैसला ले लिया।
एसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि 25 दिसंबर की रात शबनूर की हत्या के बाद शव को दोनों फेंककर अपने-अपने घर चले गए थे। साक्ष्यों के आधार पर यासमीन और उसके समधी रहीस अहमद को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। यासमीन के पास से शबनूर के जेवर बरामद हुए हैं।

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