विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

2 साल एक महीने और चार दिन बाद जेल से रिहा हुए अब्बास अंसारी, कासगंज की हाई सिक्योरिटी बैरक में थे बंद

By Jagran NewsEdited By: Abhishek Saxena
Published: Sat, 22 Mar 2025 09:13 AM (IST)Updated: Sat, 22 Mar 2025 09:23 AM (IST)

Kasganj News पूर्वांचल के बाहुबली सांसद मुख्तार अंसारी के विधायक पुत्र अब्बास अंसारी को शुक्रवार की दोपहर जिला जेल से ...और पढ़ें

Kasganj News: कासगंज की जेल से रिहा हुए अब्बास अंसारी। फाइल
Kasganj News: कासगंज की जेल से रिहा हुए अब्बास अंसारी। फाइल

HighLights

  1. 15 फरवरी 2023 में मऊ से स्थानांतरित होकर आए थे जिला जेल
  2. कई गंभीर मामलों में काट रहे थे सजा, सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत

संस, जागरण. कासगंज। पूर्वांचल के बाहुबली सांसद मुख्तार अंसारी के विधायक पुत्र अब्बास अंसारी को शुक्रवार की दोपहर जिला जेल से रिहा कर दिया गया है। सात मार्च को उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दी थी। वे विभिन्न मामलों में 15 फरवरी 2023 से सजा काट रहे थे। मऊ से स्थानांतरित होने के बाद उन्होंने जेल में दो साल एक माह चार दिन का समय व्यतीत किया।

उन्हें जिला जेल में हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया था। सुरक्षा के लिए कड़ा पहरा रहा। वे मनी लाड्रिंग, गैंगस्टर और ईडी द्वारा लगाए गए आरोपों के तहत जेल में सजा काट रहे थे। कई मामले निस्तारित भी हो गए। जबकि ईडी मामले में उन्हें सात मार्च को अंतिम जमानत दी। जिसका परवाना लेकर शुक्रवार को उनके स्वजन जिला जेल पहुंचे। सुबह से दोपहर तक जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह ने विभागीय कार्रवाई की। सभी दस्तावेज तैयार किए गए। इसके बाद उन्हें दोपहर दो बजे स्वजन के साथ पुलिस अभिरक्षा में मऊ के लिए रवाना कर दिया गया।

अब्बास के रिहा होने की जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी गई। उनके स्वजन के आने की भनक किसी को नहीं लगी। जेल प्रशासन ने भी सभी कार्रवाई गोपनीय ढंग से की। जेल अधीक्षक ने बताया कि दोपहर दो बजे अब्बास को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जेल से रिहा कर दिया गया है।

अब्बास अंसारी। 

मऊ सीट से विधायक हैं अब्बास अंसारी

मौजूदा समय में अब्बास अंसारी उत्तर प्रदेश की मऊ विधानसभा सीट से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के विधायक हैं। मगर लंबे समय से जेल में हैं। पिछले साल मार्च महीने में बांदा जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद उनके पिता मुख्तार अंसारी की मौत हो गई थी। तब परिवार ने जेल में मुख्तार अंसारी को जहर देने का आरोप लगाया था।

ये भी पढ़ेंः सौरभ हत्याकांड में कई चौंकाने वाले खुलासे, पांच महीने से कर्ण पिशाचनी तंत्र साधाना कर रहे थे साहिल और मुस्कान

पिछले साल गैंगस्टर मामले में हुई थी गिरफ्तारी

अब्बास अंसारी को 4 नवंबर 2022 को एक आपराधिक मामले में हिरासत में लिया गया था। इसके बाद 6 सितंबर 2024 को गैंगस्टर एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया। पीठ ने कहा कि उसे तत्काल गैंगस्टर एक्ट मामले को छोड़कर सभी आपराधिक मामलों में जमानत दी गई थी।

ये भी पढ़ेंः पीहू बोलती है, पापा ड्रम के अंदर हैं... साैरभ की हत्या से बेटी परेशान, मोबाइल व एक कमरा बन गई थी मुस्कान की दुनिया

जबरन वसूली और मारपीट का आरोप

31 अगस्त 2024 को चित्रकूट जिले के कर्वी कोतवाली में अब्बास अंसारी, नवनीत सचान, नियाज अंसारी, फराज खान और शाहबाज आलम खान के खिलाफ यूपी गैंगस्टर्स और असामाजिक गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम- 1986 की धारा 2 और 3 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। अब्बास पर जबरन वसूली और मारपीट का आरोप है। पिछले साल 18 दिसंबर को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस मामले में अब्बास अंसारी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।