Weather Updates: यूपी के इस जिले में 24 घंटे में 3.2°C पहुंचा न्यूनतम तापमान, अब शीतलहर बढ़ाएगी गलन
Weather Updates: कानपुर देहात में न्यूनतम तापमान 24 घंटे में छह डिग्री गिरकर 3.2°C पहुंच गया है, जिससे भीषण ठंड और गलन बढ़ गई है। घने कोहरे के कारण आव ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, कानपुर देहात। Weather Updates: करीब एक सप्ताह से तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी है। इससे आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में करीब छह डिग्री सेल्सियस कि गिरावट से पारा 3.2 पर आ गया। गलन बढ़ने से घरों में भी लोगों को राहत नहीं मिली, जबकि आवागमन करने वाले लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा। वहीं घना कोहरा छाने से हाईवे पर भी वाहनों की रफ्तार मंद रही।
नए साल के आगमन के साथ ही सर्दी भी अपने चरम पर है। न्यूनतम व अधिकतम तापमान में लगातार हो रही गिरावट से जनजीवन प्रभावित है। रविवार को सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं हाईवे पर वाहनों की रफ्तार मंद रही, जबकि दिन में भी वाहन सवार लाइट जलाकर चले। गलन बढ़ने से लोग घरों में ठिठरते रहे, जबकि अकबरपुर, रूरा, झींझक, रसूलाबाद, शिवली, पुखरायां समेत अन्य कस्बों की बाजारों में भी सन्नाटा रहा। हालांकि दोपहर में कुछ देर के लिए धूप जरूर निकली, लेकिन उससे भी राहत नहीं मिली। अधिकतम तापमान 17.4 व न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
वहीं हवा की गति 2.1 किमी प्रति घंटे रही।तापमान में हुई गिरावट से आलू, अरहर, सरसों के साथ ही टमाटर, मटर समेत अन्य सब्जी फसलों को नुकसान का डर किसानों को सता रहा है। किसान फसलों को कोहरे से सुरक्षित रखने के लिए रासायनिक दवाओं का प्रयोग कर रहे हैं।
भी वाहनों की रफ्तार मंद हो गई है। वहीं दो पहिया वाहन से आवागमन करने वाले लोगों को अनहोनी का डर भी बढ़ा है। रविवार को सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। दोपहर में कुछ देर के लिए कोहरा छटा, लेकिन शाम होते ही फिर से वही स्थिति हो गई। इससे अकबरपुर, रूरा, शिवली, पुखरायां समेत अन्य कस्बे की बाजारों में भी सन्नाटा रहा। दोपहर में कुछ भीड़भाड़ जरूर दिखी, लेकिन शाम होते ही फिर से सन्नाटा पसर गया।
कृषि मौसम विज्ञानी डा. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि तापमान में गिरावट का सिलसिला अभी जारी रहेगा। इसके साथ ही शीतलहर चलने से गलन और बढ़ेगी। किसान फसलों को सुरक्षित रखने के लिए खेत में नमी रखें। इसके साथ ही आवश्यक दवा का इस्तेमाल भी करें।

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