कानपुर देहात मेडिकल कॉलेज में बनेगा अत्याधुनिक एनआईसीयू, नवजातों को मिलेगी बेहतर सुविधा
कानपुर देहात मेडिकल कॉलेज में लगभग एक करोड़ की लागत से 10 बेड का अत्याधुनिक नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) ...और पढ़ें

HighLights
एक करोड़ की लागत से बनेगा 10 बेड का एनआईसीयू।
नवजातों को वेंटिलेटर सहित आधुनिक जीवन रक्षक उपकरण मिलेंगे।
गंभीर बच्चों को जिले में ही विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी।
जागरण संवाददाता, कानपुर देहात। करीब एक करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कालेज में अत्याधुनिक नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआइसीयू) निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू होगा। 10 बेड की व्यवस्था होगी। साथ ही वेंटिलेटर समेत उच्च गुणवत्ता वाले जीवन रक्षक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इस यूनिट के शुरू होने से जन्म के बाद गंभीर स्थिति में पहुंचने वाले नवजातों को जिले में ही विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी जिससे स्वजन को इधर उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
मेडिकल कालेज के महिला अस्पताल में अत्याधुनिक नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआइसीयू) स्थापित करने की तैयारी है। प्राचार्य डा. अंबरीश कुमार गुप्ता ने गंभीर रूप से बीमार बच्चों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए एनआईसीयू की आवश्यकता महसूस की है। सर्दी का मौसम शुरू होने के चलते जल्द से जल्द सुविधा प्रदान करने के लिए उन्होंने शासन को प्रस्ताव भेजा है। प्राचार्य ने बताया कि नवजात शिशुओं में जन्म के समय कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं सामने आती हैं।
कुछ बच्चों को जन्म के तुरंत बाद सांस लेने में परेशानी होती है तो कुछ का वजन सामान्य से काफी कम होता है। समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों में संक्रमण, शरीर का तापमान नियंत्रित न रख पाना और रक्त में शुगर की कमी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में सामान्य वार्ड में उपचार पर्याप्त नहीं होता। बच्चों को लगातार निगरानी और विशेष चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ती है। एनआईसीयू में इन्हीं परिस्थितियों से निपटने की व्यवस्था होगी। प्राचार्य डा. अंबरीश कुमार गुप्ता ने बताया कि गंभीर रूप से बीमार बच्चों को जिले में ही समुचित उपचार उपलब्ध कराने के लिए करीब एक करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। शासन से स्वीकृति मिलते ही आगे की कार्रवाई शुरू कराई जाएगी।
वेंटिलेटर और आधुनिक उपकरणों से होगी निगरानी
प्रस्तावित एनआइसीयू में 10 बेड के साथ वेंटिलेटर और अन्य जीवन रक्षक उपकरण लगाए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर नवजात को सांस लेने में सहायता दी जा सकेगी। साथ ही बच्चे के हृदय की धड़कन, सांस लेने की गति, आक्सीजन का स्तर और शरीर के तापमान पर लगातार नजर रखने की व्यवस्था होगी। गंभीर बच्चों को उनकी स्थिति के अनुसार उपचार और देखभाल उपलब्ध कराई जाएगी। संक्रमण से बचाव, नियंत्रित तापमान और चिकित्सकीय निगरानी भी उपचार का अहम हिस्सा होंगे। प्रथम चरण में आधुनिक तकनीक का एक वेंटिलेटर स्थापित होगा। धीरे धीरे आवश्यकतानुसार सुविधा बढ़ाई जाएगी।
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